Cyclone Vayu to hit Gujarat: अरब सागर में बना चक्रवाती तूफान 'वायु' तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूं तो इसके 13 जून की सुबह 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात के तट से टकराने की आशंका है, लेकिन मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि बुधवार को भी गुजरात के तटीय इलाकों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है। द्वारका, सोमनाथ और कच्छ में लोगों को बुधवार दोहपर बाद सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। गुरुवार को यह तूफान और तेज हो सकता है कि इसकी रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है और तटवर्ती इलाकों में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया है। स्कूल और कॉलेज भी दो दिन के लिए बंद करने के आदेश दिए हैं। मछुआरों से समुद्र में नहीं जाने की अपील की है। वहीं मुंबई में तेज हवाएं चल रही हैं। पढ़िए इस चक्रवाती तूफान से जुड़ी हर अपडेट -

- उत्तर गुजरात के अंबाजी और पालनपुर क्षेत्रों में भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर 2.3 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने चक्रवात वायु के निर्धारित भूस्खलन से घंटों पहले गुजरात को हिलाकर रख दिया। इस संबंध में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

- गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 10 प्रभावित क्षेत्रों से आज दोपहर 12 बजे तक कुल 1,64,090 लोगों को निकाला गया है।

- गुजरात का कंडला पोर्ट बंद कर दिया गया है। यहां रहने वाले लोगों और मछुवारों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित स्थान तक पहुंच दिया है।

गुजरात और दीव के तटवर्ती इलाकों में एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा भारतीय तटरक्षक दल ने आपदा राहत टीमों का गठन किया है और किसी भी तरह के राहत कार्य के लिए दमन, दहानू मुंबई, मुरुदजीरा, रत्नागिरि, गोवा कारवार, मंगलौर, बेयपोर, विजिंजम और कोच्चि में तत्काल सूचना दी गई है।

चक्रवाती तूफान वायु का खतरा गुजरात के साथ ही महाराष्ट्र पर भी मंडर रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान मुंबई से महज 280 किमी दूर है। प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिनसे कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं। हालांकि चक्रवाती तूफान 'वायु' पर क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र, मुंबई के प्रभारी निदेशक बिशमोम्बर सिंह कहा कि इसका मुंबई पर अधिक प्रभाव नहीं है। शहर में शायद हल्की बारिश होगी और हवा की गति थोड़ी बढ़ सकती है।

मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि चक्रवाती तूफान अभी गुजरात के पोरबंदर और महुवा के बीच वेरावल से 650 किलोमीटर दूर दक्षिण में बना है। इसके वेरावल और दीव के क्षेत्र के आसपास तट से टकराने की आशंका है। विभाग ने अगले 12 घंटे में इसके और मजबूत होने की आशंका भी जताई है। तटीय जिलों में बाढ़ का खतरा तूफान के प्रभाव से गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय जिलों में भारी वर्षा होगी।

समुद्र की लहरें एक से डेढ़ मीटर ऊंची उठ सकती हैं। कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गिर-सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिले के निचले तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका है। गुजरात और दीव के तटवर्ती इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 39 टीमें तैनात की गई हैं।

सेना की 34 टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। वायु सेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए एक सी-17 ट्रांसपोर्ट विमान को तैनात किया है। गुजरात सरकार ने मछुआरों से समुद्र में नहीं जाने की अपील की है। मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने निचले इलाकों से लोगों को हटाने के साथ मंत्रियों को भी प्रभावित इलाकों में रहने को कहा है।

महाराष्ट्र व कर्नाटक में बढ़ेगा मौसम विभाग ने कहा कि गुरुवार की सुबह गुजरात तट से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान महाराष्ट्र और कर्नाटक की तरफ बढ़ेगा। तट से टकराने के बाद इसकी रफ्तार धीरे-धीरे कम होती जाएगी। उत्तरी महाराष्ट्र के तटवर्ती क्षेत्रों में इसकी रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे हो सकती है, जो अधिकतम 75 किलोमीटर प्रतिघंटे तक जा सकती है। इसके प्रभाव से महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में बारिश हो सकती है।