अहमदाबाद। जम्मू कश्मीर के कठुआ और सूरत के पांडेसरा में मासूम बच्चियों से रेप के बाद हत्या करने की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। वहीं गुजरात में लड़कियों सुरक्षित होने के दावे खोखले साबित हुए है।

राज्य के गृह विभाग के रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में रोजाना एक लड़की से दुष्कर्म किया जाता है। प्रदेश के अलग-अलग पुलिस थानों में वर्ष 2017 में कुल 492 लड़कियों से दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए है।

राज्य के गृह विभाग के मुताबिक प्रदेश में नाबालिग लड़कियों पर दुष्कर्म करने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश मे विभिन्न कारणवश बच्चों के अपहरण करने की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 में 2514 बालकों का

अपहरण किया गया है। यानी हर महीने 200 बालकों के अपहरण के मामले पुलिस थानों दर्ज किया गए है। मेट्रो सिटी कहे जाने वाले अहमदाबाद में सबसे अधिक 538 मामले दर्ज हुए है। जबकि 66 नवजात शिशुओं को जन्म के बाद छोड़ दिया गया है।

गौरतलब है कि गुजरात सरकार द्वारा आए दिन महिलाओं के सुरक्षा के दावे किये जाते है। लेकिन आंकड़ों के हिसाब से गुजरात के शहरों व कस्बों में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। राज्य में कानून व्यवस्था दिन ब दिन बदतर होती जा रही है।