सूरत। सूरत के सरथाना इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। यहां एक इमारत में आग लग जाने से जान बचाने के लिए भवन से कई छात्र कूद पड़े।

शॉर्ट-सर्किट के चलते आग लगने से वहां ट्यूशन क्‍लास के बच्‍चों समेत 20 लोग जलकर मर गए। राज्‍य सरकार ने घटना का जिम्‍मेदार सूरत महानगर पालिका को बताया है। फायर अधिकारी ने बताया कि इमारत की छत पर शेड में कई टायर पड़े थे। यहां स्‍मार्ट डिजाइन स्‍टूडियो व ट्यूशन क्‍लासेज चल रहे थे।

आग लगते ही इमारत की छत पर लगे शेड व वहां रखे टायरों ने आग पकड़ ली। पूरी इमारत धुएं से घिर गई। इस घटना में 20 लोगों की जलकर व दम घुटने से मौत हो गई। घायलों का उपचार चल रहा है। 3 की हालत नाजुक है।

शवों की डीएनए जांच होगी

आग में मारे गए डेढ़ दर्जन से अधिक बच्‍चों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो जाने से अब उनका डीएनए टेस्‍ट होगा। माता पिता के डीएनए के साथ मैच कराने के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

ट्यूशन क्‍लासेज पर रोक

प्रशासन ने अहमदाबाद, राजकोट शहरों में चल रही अनाधिकृत कोचिंग क्‍लासेस पर एहतियात के तौर पर रोक लगा दी है। इन शहरों में प्रशासन ने कलासेज में सुविधाओं व सुरक्षा उपायों की जांच भी शुरू कर दी है। केवल मान्‍यता प्राप्‍त शिक्षण संस्‍थान ही क्‍लासेज चला सकेंगे।

4 लाख रु.मुआवजे की घोषणा, घटना की होगी जांच

गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने इस घटना में मारे गए बच्चों के परिवारों को भी 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

पीएम मोदी ने शोक संवेदना व्‍यक्‍त की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में हुए इस हादसे पर शोक संवेदना व्‍यक्‍त की है। उन्‍होंने कहा कि मेरी भावनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायल जल्दी ठीक हो सकते हैं। उन्‍होंने गुजरात सरकार और स्थानीय अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कहा है।

आग लगते ही एक दर्जन से अधिक बच्‍चों व लोगों ने इमारत की तीसरी मंजिल से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। कई लोगों ने आग व इमारत से बच्‍चों के कूदने के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में भी चलाकर सरकार व प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाए।

सरकार ने शहरी विकास विभाग के सचिव को मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट बनाने को कहा है, सरकार ने 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है।

शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूडास्‍मा ने कहा जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही की जाएगी। इस घटना के बाद सरकार ट्यूशन क्‍लासेस को मंजूरी बिना चलाने पर भी रोक लगा सकती है।

सूरत में आगजनी की घटना अत्‍यंत दुखद है, राज्‍य सरकार को इस पर गहरा दुख है। घायलों का उपचार पहली आवश्‍यकता है। बच्‍चों के परिजनों को सरकार 4-4 लाख रु की सहायता देगी।

विजय रुपाणी – मुख्‍यमंत्री गुजरात सरकार