अहमदाबाद। सौराष्ट्र के महुवा में सीमेंट कंपनी के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और पुलिस में बुधवार को भिड़ंत हो गई। उग्र किसानों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भावनगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के 35 गोले छोड़ने पड़े। 30 किसानों को हिरासत में लिया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार घटना में महिला व बच्चों समेत कम से कम 15 लोग जख्मी हुए हैं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। कांग्रेस ने घटना की निंदा की है। भावनगर की तलाजा व महुवा तहसील के डेढ़ दर्जन गांवों की जमीन अल्ट्राटेक कंपनी ने दस साल पहले अधिग्रहित की थी। कंपनी ने हाल ही में जिला कलेक्टर से मंजूरी लेकर चूना पत्थर की खोदाई शुरू की है।

किसान पर्यावरण व जमीन पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कहते हुए खोदाई पर रोक की मांग कर रहे हैं। बुधवार को किसान कंपनी का घेराव करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान किसान व पुलिस में भिड़ंत हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हु सरकार को किसान विरोधी करार दिया है। कांग्रेस विधायक ललित कगथरा ने कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।

पूर्व में महुवा में ही निरमा कंपनी के सीमेंट प्लांट को किसानों के विरोध के बाद बंद कर देना पड़ा था। भाजपा के ही तत्कालीन विधायक डॉ कनुभाई कलसरिया ने किसानों के आंदोलन का नेतृत्व किया था।