अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद स्थित वीएस अस्पताल में शुक्रवार को एक अजीब वाकया सामने आया। पोस्टमार्टम रूम से नसरीन का शव गायब हो गया। बाद में पता चला कि नसरीन का शव मित्तल परमार नाम की युवती के परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे उन्होंने दफना भी दिया। बाद में जब इस घोटाले की सच्चाई सामने आई तो बवाल मच गया।

दरअसल, जिले के बावला कस्बे में गत दिवस एकतरफा प्रेम में पागल एक युवक ने मित्तल परमार नामक युवती को चाकू से गोद दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार की देर शाम तक उसके परिजन शव लेने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन देर रात तैयार हो गए। गुरुवार की देर रात करीब ढाई बजे उन्हें मित्तल की जगह नसीरन का शव सौंप दिया गया। परिजनों ने शुक्रवार की सुबह उस शव को धोलेरा गांव के पास दफना भी दिया।

उधर, कर्नाटक की नसरीन का शव लेने उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। वहां नसीरन का शव नहीं मिला तो उन्होंने हंगामा किया। बाद में पता चला कि नसीरन का शव मित्तल के परिजनों को सौंप दिया गया है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन व पुलिस ने आनन-फानन में नसीरन का शव कब्र से निकलवाकर उसके परिजनों को सौंपा। बाद में मित्तल के शव को उसके परिजनों को सौंपा गया।

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण जहां मित्तल के परिजनों को दो बार दफनाने की क्रिया करनी पड़ी, वहीं नसीरन के परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मित्तल के परिवार में लड़कियों के शव को दफनाने की परंपरा है, वर्ना नसीरन का अंतिम संस्कार हो गया होता।