अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा की प्रोटेम स्पीकर डॉ. नीमाबेन आचार्य, भाजपा के पूर्व विधायक कांति अम्रतिया व पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के सौराष्ट्र संयोजक मनोज पनारा को मोरबी की स्थानीय अदालत ने एक-एक साल की कैद व दो-दो हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।

2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान डॉ. नीमाबेन आचार्य, कांतिलाल अम्रतिया व मनोज पनारा के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। सोमवार को मोरबी कोर्ट में जिला मजिस्ट्रेट ने डॉ. नीमाबेन, कांतिलाल तथा मनोज को सजा सुनाई। फैसले के बाद डॉ. नीमाबेन ने कहा, "मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है, इसलिए मैंने फैसले पर स्टे लिया है। बुधवार को पुनरीक्षण याचिका दाखिल करूंगी।

मालूम हो कि कांतिलाल, प्रकाश रवेशिया की हत्या मामले में कई साल जेल में काट चुका है। हाल ही में वह बाहर आया है। अब उसे इस मामले में भी सजा सुनाई गई है। मनोज पनारा तीन साल से पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के साथ काम कर रहा है। गत विधानसभा चुनाव में उसके चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन हार्दिक के तैयार न होने से ऐसा नहीं हो सका।

2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस पर फैसला आया है। जल्द ही स्टे लेकर पुनरीक्षण याचिका दाखिल करेंगे। - कांतिलाल अम्रतिया (भाजपा), पूर्व विधायक

भाजपा के पूर्व विधायक और पाटीदार नेता मनोज पनारा भी दोषी करार- कोर्ट ने सभी दोषियों पर दो-दो हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका