अहमदाबाद। गुजरात का गीर भले ही शेरों की आबादी के लिए मशहूर हो लेकिन राज्य में बाघों की आबादी नहीं है। लेकिन इन दिनों एक ऐसी फोटो वायरल हो रही है जो लोगों को हैरान कर रही है। यह तस्वीर राज्य के महिसागर जिले की है जहां एक बाघ को देखा गया है। इस बाघ की तस्वीर एक शिक्षक ने अपने फोन में कैद की है। तस्वीर वायरल होने के बाद अब वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग ने भी महिसागर के जंगलों में बाघ के होने की संभावना की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बाघ की फोटो वायरल होने के बाद, महासागर वन विभाग ने नाइटवियर कैमरों और विशेषज्ञों के साथ बाघों की जांच तलाश शुरू की और उन्हें बाघों के होने के सबूत भी मिले हैं।

शिक्षक ने पहली बार बाघ को देखा

महिसागर के जंगल में बाघ होने की जानकारी देने का श्रेय एक शिक्षक महेश मेहरा को जाता है। सबसे पहले लुनवाड़ा के महेश मेहरा ने बाघ को देखा था और मोबाइल पर फोटो खींचा था। 6 फरवरी को ली गई इस तस्वीर के वायरल होने के बाद ही वन विभाग हरकत में आया था। महेश मेहरा ने बाताया कि स्कूल से लौटते वक्त शाम हो गई थी और तभी मैंने बाघ को देखा। उसे देख पहले तो मैं डर गया लेकिन फिर मैंने उसकी तस्वीर अपने फोन में ली। मेरी फोटो देखकर वन विभाग के अधिकारी मुझे वहां ले गए जहां यह तस्वीर ली थी और उन्होंने पुष्टी की कि यह सही है।

अंतिम बार 1992 में देखा था बाघ

बता दें कि गुजरात में बाघों की बस्ती नहीं हैं। आखिरी बार 1992 में डांग क्षेत्र में बाघ देखे गए थे और उसके बाद से ही राज्य में बाघों की आबादी पर ग्रहण लग गया था। 27 साल बाद गुजरात के जंगल में बाघ को देखे जाने की यह पहली घटना है। मध्य प्रदेश के वन क्षेत्र में एक साल पहले एक बाघ लापता हो गया था। वन विभाग का अनुमान है कि यह बाघ पनाम नदी के तट से राज्य में पहुंच गया है।