गांधीनगर। गुजरात के तट से गुरुवार को 'वायु' चक्रवाती तूफान की आशंका है। इसके मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है। गुजरात के कुछ जिलों में इस तूफान का जबर्दस्त असर दिखाई देगा, इसे देखते हुए अब पश्चिम रेलवे ने भी एहतियातन कदम उठाए हैं।

चक्रवात के चलते पश्चिम रेलवे ने 15 ट्रेनों को निरस्‍त किया था। अब इसके अलावा 25 और मेनलाइन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि पहले की 16 ट्रेनों के अलावा, 12 अन्य मेनलाइन ट्रेनों को एहतियाती उपाय के रूप में आंशिक रूप से रद्द किया जाएगा। चक्रवात से प्रभावित तटीय क्षेत्रों के यात्रियों को निकालने के लिए पश्चिम रेलवे राजकोट डिवीजन, भावनगर डिवीजन और वेरावल में तीन विशेष निकासी ट्रेनें चलाने वाला है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कहा है कि हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को नुकसान को कम करने और यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए हमने पोरबंदर, दीव, भावनगर, केशोद और कांडला में हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन निलंबित करने का फैसला किया है जो आज मध्यरात्रि से लेकर कल आधी रात तक है।

पश्चिम रेलवे ने वेरावल, ओखला, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम स्टेशनों की सभी पेसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को आज शाम 6 बजे से कैंसल/रद्द कर दिया है, ये 14 जून तक जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर पश्चिम रेलवे हर स्टेशन से संबंधित क्षेत्र के लोगों को निकालने के लिए एक स्पेशल ट्रेन भी चलाएगा।

मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि चक्रवाती तूफान अभी गुजरात के पोरबंदर और महुवा के बीच वेरावल से 650 किलोमीटर दूर दक्षिण में बना है। इसके वेरावल और दीव के क्षेत्र के आसपास तट से टकराने की आशंका है। विभाग ने अगले 12 घंटे में इसके और मजबूत होने की आशंका भी जताई है। तटीय जिलों में बाढ़ का खतरा तूफान के प्रभाव से गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय जिलों में भारी वर्षा होगी।

समुद्र की लहरें एक से डेढ़ मीटर ऊंची उठ सकती हैं। कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गिर-सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिले के निचले तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका है। गुजरात और दीव के तटवर्ती इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 39 टीमें तैनात की गई हैं।

सेना की 34 टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। वायु सेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए एक सी-17 ट्रांसपोर्ट विमान को तैनात किया है। गुजरात सरकार ने मछुआरों से समुद्र में नहीं जाने की अपील की है।