अहमदाबाद। सरकार से जमीन वापस नहीं मिलने से हताश एक युवा दलित किसान ने पाटण में जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के बाहर खुद पर केरोसीन छिड़क कर आग लगा ली। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग बुझाई लेकिन तब तक वह काफी झुलस चुका था।

युवक को तुरंत ही निकट के अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे अहमदाबाद रेफर कर दिया गया। उसकी हालत अभी गंभीर बनी है। दलित नेता व विधायक जिग्नेश मेवाणी ने घटना की निंदा की है। वह पाटण रवाना हो गए हैं। घटना को लेकर वह जल्द ही पाटण बंद का आह्वान कर सकते हैं।

सरकार ने पाटण की समी तहसील में सर्वेक्षण कराकर करीब 22,000 किसानों की जमीनों का लैंड यूज (भूमि उपयोग) बदल दिया था। बाद में जमीनों को उद्यमियों को दे दिया गया। किसान व दलित परिवार पिछले छह माह से अपनी जमीन वापस पाने को तहसील से मुख्यमंत्री दरबार तक धक्के खा रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

इससे दुखी समी तहसील के दुरखा गांव का एक दलित परिवार आत्महत्या करने की चेतावनी देने वाला बैनर लिए डीएम कार्यालय के बाहर पहुंचा। परिवार के युवक भानुभाई वणकर (30) ने खुद पर केरोसीन छिड़क लिया और आग लगा ली।

प्रदेश के सामाजिक न्याय मंत्री ईश्वर भाई पटेल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों की टीम जांच कर जल्द ही रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस के अनुसार खुदकशी के इरादे से डीएम कार्यालय परिसर में घुसने की कोशिश करने के बाद नौ अन्य दलितों को हिरासत में लिया गया था, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।