अहमदाबाद। लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में एक साथ कई समीकरण बन व बिगड़ रहे हैं, लोकसभा चुनाव के तगड़े दावेदार हार्दिक पटेल व जिग्नेश मेवाणी जहां पीछे खिसक गए वहीं भाजपा की बागी महिला सदस्य रेशमा बेन पटेल ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। रेशमा पोरबंदर से एनसीपी की उम्मीदवार हो सकती है, एनसीपी राज्य में तीन सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

सत्ताधारी दल भाजपा जहां गुजरात की सभी 26 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटा है वहीं कांग्रेस ने एक सीट भारतीय ट्राइबल पार्टी के लिए छोड़ दी है। लंबे समय से पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल व निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी के लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा हो रही है लेकिन राजकोट में संविधान यात्रा से पहले उन्होंने साफ कर दिया कि वे आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

हार्दिक ने कहा कि चुनाव लड़ना है यह तय है लेकिन कब व कहां से लड़ना है अभी तय नहीं हो पा रहा है। हार्दिक अभी अपने लिए सीट तय नहीं कर पा रहे हैं, साथ ही आगामी चुनाव ही लड़ा जाए इसकी कोई तैयारी अभी तक नहीं कर पाए हैं। हार्दिक ने इतना कहा कि जब भी चुनाव लड़ेंगे भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे।

गौरतलब है कि उनके कांग्रेस के टिकट पर अथवा निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें जोर शोर से चल रही है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस विधायक ड़ॉ आशा बेन पटेल के इस्तीफे के बाद ऊंझा विधानसभा सीट से उपचुनाव में उतरने की संभावनाएं जोर पकड़ रही है। इस सीट पर कड़वा पाटीदार मतदाता बड़ी संख्या में हैं तथा हार्दिक इसी समुदाय से आते हैं।

महिला पाटीदार नेता रेशमा पटेल ने लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है, एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पटेल ने उन्हें पोरबंदर या मेहसाणा से पार्टी प्रत्याशी बनाने की पेशकश की है। जयंत ने कहा कि एनसीपी गुजरात में तीन लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी। गौरतलब है कि कांग्रेस ने अभी तक एनसीपी के साथ गठबंधन की कोई पहल नहीं की है।

तीनों युवा नेता बरसे भाजपा पर

कांग्रेस के पूर्व विधायक इन्द्रनील राज्यगुरु की ओर से आयोजित संविधान बचाओ यात्रा में शामिल हुए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, जेएनयू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने केन्द्र व गुजरात की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कन्हैया कुमार ने कहा कि उनको देशभक्ति का प्रमाण पत्र नहीं चाहिए। कन्हैया बोले की लोग बार बार पूछते हैं आप इससे प्यार करते हो, हो। तो करके दिखाओ। वे बोले इसकी जरूरत नहीं है।

केन्द्र सरकार पर उन्होंने संविधान के इतर काम करने का भी आरोप लगाया। विधायक मेवाणी ने कहा कि देश में मंदिर मस्जिद पर बहस हो रही है,युवाओं को इसी में उलझाया जा रहा है जबकि बात शिक्षा, चिकित्सा, सुरक्षा तथा रोजगार की होनी चाहिए। मेवाणी ने कहा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन मीड़िया टीआरपी के चलते यह सब चला रहा है।

वहीं हार्दिक ने कहा कि गुजरातियों में सामाजिक व राजनीतिक जागरुकता की कमी है,उन्हें अपने अधिकार व संविधान बचाने के लिए आवाज बुलंद करनी चाहिए। हार्दिक ने कहा गुजरात सरकार व पुलिस उनहें सार्वजनिक कार्यक्रम करने से रोकती है जबकि सभा करना मेरा संवैधानिक अधिकार है।