नरसिंहपुर। कटनी, दमोह, पन्ना सहित जिले के करीब 8 लोगों से जनपद पंचायतो में भृत्य के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले शातिर को पुलिस ने पकड़ा है। जिसके द्वारा अपर कलेक्टर विकास नरसिंहपुर के नाम से फर्जी आदेश बनाकर बेरोजगार युवाओं को दिया गया, उनके पदस्थापना के आईडेंटी कार्ड भी जारी कर दिए। धोखाधड़ी करने वाले ने 8 बेरोजगार युवकों से करीब 10 लाख रुपए झांसा देकर वसूल भी लिए। फर्जीवाड़े का खुलासा कुछ इस तरह हुआ कि जब बेरोजगार युवक नौकरी मिलने से खुश हुए और ज्वाइन करने के लिए वह जिला पंचायत, जनपद दफ्तर पहुंचे तो पता चला कि इस तरह के कोई आदेश जारी ही नहीं किए गए हैं और जारी आदेश पत्र फर्जी है, आईडेंटी भी फर्जी हैं।

इस पर कोतवाली पुलिस में भमका पन्ना निवासी संगीत सिंह, दमोह पौड़ी के विक्रम सिंह, कटनी रीठी के अभयप्रताप सिंह सहित चीचली निवासी आशीष ठाकुर, मुंगवानी निवासी कन्हैयालाल एवं योगेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि नौकरी लगवाने के नाम पर पाठा मुंगवानी निवासी अजमेर सिंह पिता तुलसीराम ठाकुर ने पैसे लिए। कुछ युवकों को अपर कलेक्टर विकास के नाम से ज्वाइनिंग का आदेश भी दिया। लेकिन जिला पंचायत जाने पर आदेश फर्जी निकला। कोतवाली थाना प्रभारी अमित विलास दाणी ने बताया कि युवकों की शिकायत पर मामले को जांच में लिया और पाठा से अजमेर सिंह को गिरफ्तार किया गया। जिसके पास से फर्जी आदेश की प्रतियां सहित जारी की गई आईडी, ट्रेनिंग आदेश मिले है।

आरोपित अजमेर के संबंध में पता चला है कि वह वर्ष 2003 तक पंचायत कर्मी के रूप में कार्य करता रहा है। पुलिस ने आरोपी अजमेर ठाकुर के खिलाफ धारा 420, 467, 471 भादंवि का मामला दर्ज किया है, फर्जी नियुक्ति आदेश, पहचान पत्र जब्त किए।