बुरहानपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे वृक्ष गंगा अभियान के तहत रविवार को ग्राम चिंचाला में सतपुड़ा की पहाड़ी में बसे बाल गजाननजी महाजन के मंदिर की पहाड़ी पर 1100 पौधों का रोपण किया गया। तरु पुत्र रोपण महायज्ञ कर सैकड़ों लोगों ने पौधों को गोद लेकर पहाड़ी पर उनका रोपण किया और अपने बच्चों की तरह लालन-पालन करने का संकल्प लिया। अब यहां के युवाओं की टोली पथरीली पहाड़ी को हराभरा करेगी।

तरू पुत्र महायज्ञ के लिए सुबह 9 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी पर पहुंच गए। यहां पर गायत्री मंत्र का जाप कर पूजा-अर्चना की गई। पौधों व प्रकृति का पूजन किया गया। पर्यावरण की शुद्धि के लिए तरु पुत्र महायज्ञ किया गया। पथरीली व चट्टानी जमीन होने के कारण पहाड़ी पर आठ दिन पूर्व से ही गड्ढे खोदे जा रहे थे। युवाओं ने मेहनत कर कुदाली-फावड़े से गड्ढे किए ,वहीं कुछ जगहों पर जेसीबी से गड्ढे खोदे गए। रविवार को इन गड्ढों में नीम, शीशम, बरगद, पीपल, बेलपत्र सहित अन्य फल-फूल के पौधे लगाए गए।

आयोजन को लेकर एक माह से तैयारी की जा रही थी। वन विभाग के एसडीओपी शरदचंद्र दुबे ने कहा कि वृक्ष धरा के भूषण हैं और ये ही प्रदूषण दूर करते हैं। गायत्री परिवार के इंदौर से आए सिद्धार्थ मराठे ने पर्यावरण के गीत गाकर समां बांधा। समाजसेवी व पार्षद अमर यादव ने भी आयोजन की सराहना कर पानी के टैंकर की सेवा दी। इसके अलावा लायंस क्लब, रोटरी क्लब, जनजाग्रति संस्था सहित अन्य संस्थाओं ने भी पौधे रोपे।

सिंचाई के लिए बनाया बोरी बंधान

गायत्री परिवार के मनोज तिवारी एवं कीर्ति कुमार जैन ने बताया कि पौधों के सिंचन के लिए बाल गजानन वृक्ष गंगा अभियान समिति के युवाओं ने महाश्रमदान किया। श्रमदान के दौरान 500 रेत की बोरियों से 7 फीट ऊंचा बोरी बांध बनाया है। इसके माध्यम से हजारों लीटर पानी यहां पर एकत्रित हो रहा है। सतपुड़ा की पहाड़ियों में रोके गए इस पानी के माध्यम के ऊपर लगाए जाने वाले पौधों को सिंचित किया जाएगा।