दिन और रात के तापमान में अंतर होने से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरित असर।

फोटो 9 सीहोर। बाजार में सजी गर्म कपड़ों की दुकानें ।

सीहोर। उत्तर भरत में हो रही बर्फबारी से जिले के मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है। बीते दो दिनों से दिन व रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज हुई है। इसका कारण पहाड़ों से टकराकर उत्तरी हवा आना है। सुबह से ही सर्द हवा चली। ऐसे में शनिवार को भी दिन और रात के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की है। शनिवार को अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज कि या गयाशनिवार को शाम होते ही ठंड बढ़ने लगी थी। जिसके चलते शहर में लोग गर्म कपड़े पहने हुए नजर आए। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी 2-2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विभाग के रिकार्ड पर नजर डालें तो शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29.5 और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस थ। जो शनिवार को लुढ़का और अधिकतम तापमान 27.5 व न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर के अनुसार सुबह की आर्द्‌रता 33 फीसदी रही। शाम की आर्द्‌रता 32 फीसदी रही। दिन और रात के तापमान में इतना अंतर होने के कारण अब लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी हो रही है, वहीं रात में मौसम ठंडा हो जाता है। तापमान के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देता है। ऐसे में मरीज मलेरिया, सर्दी, खांसी, निमोनिया, उल्टी-दस्त, पेट संबंधी कई बीमारियां के शिकार हो रहे हैं।

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सीवन तट पर 13 मनाया जाएगा छठ पर्व

सीहोर। भोजपुरी समाज द्वारा 13 अक्टूबर को सीवन तट पर छठ पर्व मनाया जाएगा। भोजपुरी समाज के मीडिया प्रभारी राके श कु मार झा ने बताया कि पर्व की तैयारियां शुरु हो गई है। सीवन नदी घाट पर डूबते सूरत को अध्रर्द देते हुए छठ पर्व मनाया जाएगा। साथ ही रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कि ए जाएंगे। श्री झा ने बताया कि छठ पर्व की शुरुआत नहायखाम से होती है। इसके बाद खरना होता है। खरना के दूसरे दिन- दिनभर व्रत रहने के बाद शाम की संध्या में अर्ध्‌य देते हैं। इस बार 11 से 14 नवम्बर तक छठ पूजा का पर्व रहेगा। इस दौरान व्रतधारी लगातार 36 घंटे का व्रत रखते हैं। इस दौरान व्रत रखने वाले पानी तक ग्रहण नहीं करते हैं। छठ महापर्व पर सूर्य का रवि योग, सर्वार्थ सिद्घी योग होने से सूर्य देवता हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

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निजी स्कू ल बढ़ा रहे नौनिहालों के कंधों पर बोझ, जांच में हुआ खुलासा

- राज्य शिक्षा के न्द्र ने सरकारी और निजी स्कू लों में पहली से दसवीं कक्षा तक के स्कू ली बच्चों के बस्तों का वजन कराया।

फोटो कै रिके चर लगाएं

सीहोर। निजी प्रकाशकों से मिलने वाले मोटे कमीशन की लालच में निजी स्कू ल मासूमों के नाजुक कंधों पर बस्ते का बोझ बढ़ाते रहे और शिक्षा विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। अब जब आधा शैक्षणिक सत्र बीत गया है, तब शिक्षा विभाग ने बस्ते के बढ़ते वजन की सुध ली है।

इसी कड़ी में राज्य शिक्षा के न्द्र प्रदेश स्तर पर सरकारी और निजी स्कू लों में पहली से दसवीं कक्षा तक के स्कू ली बच्चों का वजन करवा कर जांच रिपोर्ट बुलवा रहा है। राज्य शिक्षा के न्द्र के निर्देश पर जिले में रेंडम तौर पर बस्ते के वजन की जांच करने पहुंचे अधिकारी उस वक्त भौचक रह गए, जब इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल कराने पर पहली, दूसरी कक्षा के बस्तों का वजन 1 से 2 कि लो की बजाए 3.5 कि लो से ज्यादा निकला। छठवीं से दसवीं तक का वजन 8 से 10 कि लो तक निकला। जबकि गाइडलाइन के हिसाब से यह वजन 6 कि लो से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

इलेक्ट्रिॉनिक तराजू से तौला वजन

राज्य शिक्षा के न्द्र के निर्देश पर जिला समन्वयक परियोजना अधिकारी (डीपीसी) ने ब्लॉक को-आर्डिनेटर (बीआरसी), जनशिक्षकों से 3 निजी स्कू ल और 2 सरकारी स्कू लों के बच्चों के बस्ते का वजन मापा। इसके लिए स्कू ल की पास की दुकानों से इलेक्ट्रॉनिक तराजू बुलवा कर बस्ते का वजन लिया गया। जिसमें कापी,कि ताब के अलावा टिफिन, कम्पास बाक्स, पानी की बोतल आदि का भी वजन लिया गया।

निजी स्कू लों के बस्ते का वजन ज्यादा

रेंडम तौर पर जिले के 9 ब्लॉकों में बीआरसी स्तर कराई गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी के मुकाबले निजी स्कू लों में बच्चों के बस्ते का वजन दो से तीन गुना ज्यादा पहली से दूसरी कक्षा के बस्ते का वजन 1 से 2 कि लो की जगह 3.5 कि लो मिला। वहीं तीसरी-चौथी का 3 कि लो की जगह 5 कि लो तक निकला। इसमें टिफिन, पानी की बोतल का वजन ही करीब 800 ग्राम से एक कि लो पाया गया। छठवीं से दसवीं कक्षा तक के बच्चों का वजन 8 से 9 कि लो तो कु छ सीबीएसई स्कू लों में 10 कि लो से ज्यादा निकला।

इतना वजन निर्धारित

कक्षा वजन

पहली-दूसरी2 कि लो

तीसरी-चौथी3 कि लो

पांचवी-आठवीं4 कि लो

नवमीं- दसवीं 6 कि लो

वर्जन

निजी और सरकारी स्कू लों में बैग का वजन कराया गया है। जल्दी ही रिपोर्ट बना कर भोपाल भेज दी जाएगी। भोपाल स्तर पर स्कू ली बच्चों के बैग का वजन कम करने के प्रयास कि ए जाएंगे।

अनिल उपाध्याय, डीपीसी, सीहोर