मुरैना। प्रदेश भर में एक साथ की गई गिद्धों की गिनती ने चंबल को सबसे कम गिद्ध वाले जिलों की सूची से बाहर निकाल दिया है। 12 जनवरी हुई गिद्धों की गणना के अनुसार बीते दो सालों में चंबल में गिद्धों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। हालांकि मध्य प्रदेश मेें मिलने वाली गिद्धों की सात प्रजातियों में से सिर्फ दो प्रजातियां ही चंबल में दिखाई दी हैं। अब मुरैना जिला अंडर हंड्रेड की श्रेणी से निकलकर अंडर 2 हंड्रेड गिद्धों वाले जिलों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

वन विभाग मुरैना ने गिद्धों की गिनती के लिए हर रेंज स्तर पर एक टीम गठित की थी। इन टीमों ने अपने-अपने इलाकों में गिद्धों की गणना की। जिसके आंकड़े वन विभाग ने एकीकृत किए हैं। वन विभाग के मुताबिक जिले में कुल 157 गिद्ध दिखाई दिए हैं। इनमें से 20 बच्चे हैं और बाकी वयस्क गिद्ध हैं।

इनमें सबसे ज्यादा गिद्धों का बसेरा पहाड़गढ़ के जंगलों में मिला है। जबकि सबसे कम गिद्ध चंबल के कछार में पाए गए हैं। पहाड़गढ़ में सर्वाधिक 57 और चंबल के कछार में देवरी गेम रेंज में सबसे कम छह गिद्ध दिखाई दिए हैं।

पिछले सर्वे में 70 गिद्ध दिखाई ही दिए थे

करीब दो साल पहले हुए सर्वे में मुरैना में महज 70 गिद्ध दिखाई दिए थे। जिसके कारण प्रदेश के गिद्धों की मौजूदगी वाले जिलों में मुरैना जिला 100 से कम गिद्धों वाले जिलों की श्रेणी में शामिल होकर सबसे आखिरी पायदान पर था। लेकिन अब मुरैना जिला 200 से कम गिद्ध वाले जिलों की श्रेणी में शामिल हो गया है। यानि मुरैना में गिद्धों की संख्या दो गुनी से ज्यादा हो गई हो गई है।

सफेद गिद्ध हैं कम

डीएफओ पीडी गेब्रियल के मुताबिक इस बार गणना में जो गिद्ध मिले हैं उनमें सफेद गिद्ध यानि इजिप्शन वल्चर की संख्या 20 पाई गई है। जबकि 137 गिद्ध चंवर गिद्ध हैं। गिद्ध की अन्य कोई प्रजाति चंबल में नहीं मिली है। सबसे आकर्षक दिखने वाला भारतीय गिद्ध भी जिलें में कहीं भी नहीं दिखाई दिया है। गेब्रियल के मुताबिक, यह सारी जानकारी वन विभाग भोपाल को भेज दी गई है।

कहां कितने गिद्ध दिखे

रेंज संख्या

अंबाह 11

सबलगढ़ 22

चंबल नदी 06

जौरा 13

पहाड़गढ 57

शनिश्चरा 48

कुल 157