ग्वालियर। ट्रैफिक हर जिले, शहर की समस्या है। यातायात सुधारने के लिए इंफोर्समेंट से ज्यादा ट्रैफिक इंजीनियरिंग, एजुकेशन पर फोकस करना होगा। यह भी उतना ही ज्यादा महत्वपूर्ण है जितना कि इनफोर्समेंट। नवागत आईजी राजाबाबू सिंह ने बुधवार सुबह आईजी ग्वालियर जोन के दफ्तर पहुंचकर आईजी अंशुमान यादव से पदभार ग्रहण किया। इसके बाद जिले के अफसरों की परिचय बैठक ली।

बुधवार सुबह दफ्तर पहुंचे नवागत आईजी राजाबाबू का पूर्व आईजी अंशुमान यादव, एसपी नवनीत भसीन ने पुष्पहार देकर स्वागत किया। आईजी सिंह ने पहले दफ्तर में बने मंदिर में सिर झुकाया। उसके बाद पद्भार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। आईजी ग्वालियर जोन सिंह का कहना था कि मध्य प्रदेश शासन की प्राथमिकताएं ही उनकी प्राथमिकता हैं। उन्होंने ग्वालियर एसपी की तारीफ करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाते हुए पुलिस अच्छा काम कर रही है। उनका काम टीम का मनोबल बढ़ाना और जोन स्तर पर उनको कैसे प्रोत्साहित किया जा सकता है यह देखना रहेगा।

आगामी लोकसभा चुनाव के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उनका कहना था कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन से पहले भी चुनाव कराए हैं। इस बार भी निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हम तैयार हैं।

1994 बैच के हैं आईपीएस

आईजी राजाबाबू सिंह 1994 बैच के आईपीएस हैं। वह यूपी के बांदा जिले के पचनेली गांव में जन्म लेने के बाद 1994 में आईपीएस बने। ग्वालियर आईजी बनने से पहले वह एसपी जबलपुर, कोरबा, राजगढ़, भिंड, छिंदवाड़ा व डीआईजी शहडोल, आईजी बालाघाट रह चुके हैं। वर्ष 2012 में प्रतिनियुक्ति पर आईटीबीपी (इंडिय-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) में सेक्टर कमांडेंड अरुणाचल भी रह चुके हैं।