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    जल संकटः कहीं महीने में 180 तो कहीं 3000 रुपए पानी पर खर्च, प्राइवेट टैंकरों के भरोसे शहरवासी

    Published: Thu, 15 Mar 2018 04:11 AM (IST) | Updated: Thu, 15 Mar 2018 04:11 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - निगम के पास पर्याप्त नहीं हैं टैंकर, जरूरत 400 की हैं 70 टैंकर

    भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि। आगामी तीन महीने तक करीब आधी आबादी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि निगम प्रशासन जहां पानी सप्लाई की व्यवस्था नही है उन क्षेत्रों के लिए पर्याप्त टैंकर ही नहीं है। इससे शहरवासियों को निजी टैंकरों पर निर्भर होना होगा। कई जगह पानी की समस्या शुरू भी हो गई है। जल संकट से निपटने के लिए करीब 400 टैंकरों की जरूरत है लेकिन निगम के पास सिर्फ 40 से 50 टैंकर ही बढ़ाएगा। वर्तमान में 70 टैंकर चल रहे हैं। ऐसे में शहरवासी निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ेगा।

    बता दें कि शहर में जहां सप्लाई हो रही है वहां पानी पर महीने में 180 रुपए खर्च आता है, वहीं निजी टैंकरों बुलाने पर एक परिवार को 2000 से 3000 रुपए खर्च करना पड़ता है।

    कोलार के ललिता नगर निवासी नितेश वर्मा के घर पर पांच सदस्य हैं, सामान्य दिनों में महीने में पांच से छह टैंकर खरीदना पड़ता है। लेकिन गर्मियों में पानी की खपत बढ़ने पर यह आंकड़ा सात से 10 तक पहुंच जाती है। तीन हजार लीटर का एक टैंकर 300 रुपए 350 रुपए में आता है। इस हिसाब से ढाई से तीन हजार रुपए खर्च करना पड़ता है।

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    यहां टैंकर के भरोसे लोग

    कोलार, नारियलखेड़ा, करोंद, गांधी नगर, अन्ना नगर, अयोध्या नगर बायपास से लगी कॉलोनियां, पुराने शहर के 13 वार्ड, होशंगाबाद रोड की निजी कॉलोनियां जैसे बागुगालिया, कटारा, अरविंद विहार, अमराई बस्ती, गौरा बिशनखेड़ी, भौरी आदि क्षेत्र। शहर के कुल 35 वार्डों में टैंकरों की जरूरत होती है।

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    गर्मियों में बढ़ जाते हैं टैंकरों के रेट

    नगर निगम द्वारा 6000 लीटर क्षमता के टैंकर का 600 रुपए और 16 हजार लीटर टैंकर का 1100 रुपए तय है, जो महंगा है। जबकि निजी टैंकर संचालक 3000 हजार लीटर क्षमता के टैंकर का सामान्य दिनों में 250 से 300 रुपए लिए जाते हैं। लेकिन गर्मी में जैसे ही पानी की मांग बढ़ती है इसके रेट बढ़कर 400-450 तक पहुंच जाते हैं।

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    निगम से टैंकर बुलाना ऐसे है मुश्किल

    निगम के टैंकर बुलाने के लिए विधानसभा हाइडेंट में शुल्क जमा करके रसीद कटाना होता है। इसके अलावा शहर के जनसुविधा केंद्रों पर रसीद कटाई जा सकती है। तभी टैंकर उपलब्ध होता है। समस्या यह है कि निगम के वार्ड या जोन कार्यालय में रसीद कटाने की व्यवस्था नही है। ऐसे में लोगों को निगम से टैंकर के लिए या तो विधानसभा हाइडेंट आना होगा या फिर जनसुविधा केंद्र ढूंढना होगा।

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    माता मंदिर मुख्यालय में किया प्रदर्शन, मटके फोड़े

    वार्ड नंबर 32 स्थित टीटी नगर एरिया में निर्माणाधीन बुलेवार्ड स्ट्रीट के दौरान गत मंगलवार को पाइप लाइन फूट गई थी। जिससे बुधवार को पानी सप्लाई नहीं हुआ। इससे पहले भी पाइप लाइन फूटने से तीन दिनों तक पानी सप्लाई नहीं हुआ। बुधवार को कांग्रेसी नेता पीसी शर्मा की मौजूदगी में जिला कांग्रेस कमेटी के हिमांशु धाकड़ के नेतृत्व में रहवासियों ने माता मंदिर निगम मुख्यालय पर खाली मटका लेकर प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर आयुक्त और महापौर से पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके बाद ज्ञापन सौंपा गया। धाकड़ ने आरोप लगाया कि षडयंत्र के तहत पाइप लाइन तोड़ी जा रही है ताकि सरकारी कर्मचारी यहां से चले जाएं। यही वजह है कि निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी इसे कई दिनों तक दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि दो दि न में यदि व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो नगरीय प्रशासन मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा।

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    एमआईसी मेंबर ने महापौर को पत्र लिखकर जताई चिंता

    शहर में पेयजल का संकट होने की आशंकाओं को लेकर वार्ड 44 की पार्षद व एमआईसी श्रीमती मंजूश्री बारकिया ने अपनी चिंता जताई है। उन्होंने महापौर और निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कहा गया है कि अभी से इंतजाम चुस्त दुरुस्त किया जाए। बारकिया ने कहा कि पिछले दिनों ही नर्मदा की पाइप लाइन खराब हो जाने से करीब आधी जगह का जलप्रदाय तीन चार दिन तक ठप रहा। जिसके कारण लोग परेशान हुए। एमआईसी मेंबर ने सुझाव दिया कि शहर में उपलब्ध जल स्रोतों जैसे ट्यूबवेल, हैंडपंप, कुएं, बावड़ी को पुनः साफ कराकर शीघ्र चालू करवाए जाएं। इन स्रोतों से प्राप्त जल को पीने के अलावा निस्तार के अन्य उपयोगों में लिया जा सकता है।

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    इनका कहना

    गर्मियों में पेयजल संकट न हो, इसको लेकर हर स्तर पर हमारी तैयारी है। जरूरत के हिसाब से टैंकर भी बढ़ाए जा रहे हैं। बड़े तालाब में पानी कम है लेकिन प्रभावित इलाकों में कोलार डेम और नर्मदा से पानी की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।

    एमपी सिंह, अपर आयुक्त ननि

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    कोलार में दो लाख आबादी, कनेक्शन सिर्फ 1200 मकानों में

    52.10 करोड़ की केरवा पेयजल योजना के तहत अभी वाड र्80 और 82 में 1200 घरों में नल कनेक्शन हुए हैं। जबकि कोलार की आबादी दो लाख है। इस तरह सप्लाई वाला पानी महज पांच फीसदी घरों में ही हो पा रहा है। बाकी 95 फीसदी आबादी टैंकरों पर निर्भर है। गर्मियों में पूरे कोलार में पानी सप्लाई के लिए निगम 35 टैंकरों लगाएगा। वर्तमान यहां 26 टैंकर लगे हुए हैं। केरवा का पानी वार्ड-83 और 84 में नहीं पहुंचा है। जोन-18 और 19 में नगर निगम करीब दो दर्जन टैंकरों से पानी की सप्लाई करता था। इधर, जोन 18 के जलकार्य शाखा के प्रभारी व सहायक यंत्री आशीष मार्तण्ड से भी लोग नाराज हैं। बता दें कि गत सोमवार को वार्ड 83 की पार्षद व जोन अध्यक्ष एई के खिलाफ धरना दे चुकी हैं।

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