टीकमगढ़। जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में पदस्थ सरकारी डॉक्टरों के आवास पर संचालित क्लीनिक पर हुई कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सिविल सर्जन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को 22 डॉक्टरों ने एकसाथ अपना इस्तीफा प्रशासन को दे दिया है।

डॉक्टरों के रुख को देखते हुए प्रशासन ने आनन-फानन में क्लीनिक खुलवा दिए। इसके बाद भी डॉक्टरों का गुस्सा कम नहीं हुआ और वे विरो दर्ज कराते नजर आए। पूरे दिन अस्पताल में कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा, जिससे अस्पताल में आए मरीजों को काफी असुविधा हुई। प्रशिक्षण केंद्र में बैठे सरकारी डॉक्टरों ने कहा कि प्रशासन स्तर पर की गई कार्रवाई गलत है।

विरोध जताते हुए डॉक्टरों ने कहा कि कलेक्टर साहब ने पहले कार्रवाई कर हमारे आवास पर खुले क्लीनिक सील तो कर दिए हैं, उन पर अब बम भी फिकवा दिए जाएं। जिससे वहां किसी भी प्रकार से कोई गतिविधि ही न हो सके। डॉक्टरों ने कहा कि प्रशासन स्तर पर डॉक्टरों के खिलाफ किसी भी प्रकार से सहानुभूति का रवैया नहीं दिखाया जा रहा है।

मौके पर पहुुंचकर एसडीएम ने खुलवाई सील

एसडीएम पीएस चौहान ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे मौके पर पहुंचकर सील किए गए क्लीनिक को खुलवाया। उन्होंने डॉक्टर अमित शुक्ला और डॉ. विकास जैन के क्लीनिक को खुलवाया। चौहान का कहना है कि कलेक्टर केआदेश पर पहले यह क्लीनिक सील किए गए थे, अब इन्हें खोल दिया गया है।

मामले से अधिकारियों को कराया अवगत

इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. वर्षा राय का कहना है कि जिला अस्पताल के 22 डॉक्टरों ने इस्तीफा भेजा है। जो सिविल सर्जन के माध्यम से उनके समक्ष आया है। डॉक्टरों की समस्या से जुड़ी सभी जानकारी और उनका इस्तीफा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भेजा गया है। जिला प्रशासन, सागर कमिश्नर और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई है। वहीं संबंधित डॉक्टरों के साथ बैठक भी की गई है। शनिवार रात तक डॉक्टरों के इस्तीफे को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका था।