कुप्रथा पर वार/ 300 से ज्यादा ऐसे लोगों की सूची तैयार जो लोगों को करते हैं गुमराह, 4 मामलों में की कार्रवाई

आलीराजपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता आगे आए हैं। खासकर डायन कुप्रथा को लेकर अब कार्य किया जा जाएगा। महिला को डायन बताकर हत्या और गांव छोड़ने जैसे कई मामले अब तक जिले में सामने आ चुके हैं। पुलिस ने ऐसे 300 से ज्यादा ऐसे लोगों (बड़वों) की सूची तैयार की है, जो लोगों को गुमराह कर महिला को डायन घोषित करते हैं। उन पर जल्द ही पुलिस शिकंजा कसेगी।

डाइट भवन में एक्शन एड भोपाल, महिला बाल विकास विभाग आलीराजपुर व राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में डायन कुप्रथा पर जिला स्तरीय परिचर्चा का आयोजन शुक्रवार को किया गया। महिलाओं को डायन बताकर उन पर होने वाले अत्याचार के 9 मामलों में टीम ने पुलिस के साथ मिलकर चार मामलों में कार्रवाई भी करवाई। परिचर्चा के दौरान पीड़ित महिला द्वारा अपनी बात भी रखी गई। परिचर्चा में यह बात सामने आई कि जिले और जिले से बाहर ग्रामीण लोग बड़वों के पास जाते हैं। ये ग्रामीणों को महिला के डायन होने की पुष्टि करते हैं और इसके बाद महिलाएं प्रताड़ना का शिकार होती हैं। बड़वों द्वारा महिला को डाकन होना बता दिया जाता है। ऐसी स्थिति में परिवार के साथ ही गांव वालों की तरफ से महिला तो प्रताड़ित किया जाता है। कई बार महिला को परिवार सहित गांव छोड़कर भी जाना पड़ता है। इतना ही नहीं संबंधित महिला की हत्या तक कर दी जाती है। परिचर्या में एएसपी सीमा अलावा ने बताया कि जिले में 300 से अधिक बड़वे लोगों की सूची तैयार है। सूची के माध्यम से उन पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके अलावा लोगों में जनजागरूकता लाने के लिए हाट बाजारों में शिविर लगाने का सुझाव भी आया। परिचर्चा में राज्य महिला आयोग सखी मंजुला जोशी, एएसपी सीमा आलावा, भोपाल से आई स्वाति कैथवास, नीलोफर खान, जिला महिला व बाल विकास अधिकारी रचना शर्मा आदि मौजूद थीं।

ये सुझाव निकलकर सामने आए

-इस मुद्दे पर संबंधित विभाग, नगर समाज तथा स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर काम करें।

-डायन मुद्दे के संबंध में सीधा कानून नहीं है, इसलिए शासन-दिशा निर्देश भेजे, जिससे आरोपी को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।

-सघन प्रचार-प्रसार व जनजागरूकता की आवश्यकता।

-बड़वों के खिलाफ सीधे एक्शन हो।

-शिक्षा के स्तर को सुधारना आदि।

* महिला को डायन बताकर होने वाले अपराधों पर अंकुश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में अधिक बड़वे हैं, जो महिला के डायन होने की बात ग्रामीणों से कहते हैं। इन पर लगाम लगाएंगे। सोंडवा में हाल ही में एक बड़वे पर प्रकरण दर्ज करवाया है। मामले के निराकरण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। जनजागरूकता भी जरूरी है। -सीमा अलावा, एएसपी आलीराजपुर

*हमारी टीम ने डायन बताकर जिन महिलाओं पर अत्याचार किया गया है, उनसे मुलाकात की है। हाल ही में ऐसे 9 मामलों में से 4 पर हमने पुलिस की मदद से एक्शन करवाया है। लगातार प्रयास और जागरूकता से ही इस तरह की कुप्रथा को समाज से खत्म किया जा सकता है।-स्वाति कैथवास, सामाजिक कार्यकर्ता