मुरैना। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य प्रबंधन के देवरी ईको सेंटर पर एक बार फिर सैलानी जलीय जीवों के बारे में रोचक और अहम जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। वे इन जलीय जीवों की शरीरिक संरचनाओं और विशेषताओं से भी परिचित होंगे। दरअसल देवरी ईको सेंटर प्रबंधन ने करीब 2 साल से बंद जलीय जीव संग्रहालय को फिर से नए रूप में शुरू किया है, जिसमें काफी कुछ खास है।

ये जलीय जीव संग्रहालय सैलानियों को खूब पसंद आ रहा है। देवरी ईको सेंटर आने वाले सैलानियों के लिए एक जलीय जीव संग्रहालय का संचालन किया जाता है। बीते साल से यह संग्रहालय बंद था। संग्रहालय जिस हॉल में संचालित है, वहां करीब दो साल पहले छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर पड़ा। जिसके बाद संग्रहालय को ताला लगा दिया गया।

यही वजह थी कि बीते दो साल से सैलानी संग्रहालय को देखने से वंचित रह रहे थे। अब ऐसा नहीं है। वन विभाग ने सैलानियों की सुविधा के लिए इस संग्रालय को नए अंदाज में शुरू किया है। प्रबंधन ने नव निर्मित हैचरी के एक हिस्से में प्लेट फार्म बनाकर संग्रहालय की चीजों का प्रदर्शित किया हैं। इसे सैलानी ईको सेंटर खुलने से लेकर बंद होने तक आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए अलग से टिकट भी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

क्या-क्या है संग्रहालय में

संग्रहालय में घड़ियाल और मगर के कंकाल, जबड़े आदि प्रदर्शित हैं। इसके अलावा घड़ियाल और मगर के अंडों सहित यहां पाए जाने वाले पक्षियों के फोटो ग्राफ आदि भी मौजूद हैं। जिन्हें देखने लिए अब यहां सैलानियों की भीड़ जुट रही है। ईको सेंटर घूमने के बाद सैलानी अपना सबसे ज्यादा समय यहीं पर व्यतीत करते हैं।

इस बार यह नया है

इस बार ईको सेंटर पर 7 घड़ियालों की मौत हुई थी। इसके बाद वन विभाग ने तय किया कि सबसे आखिर में जिस घड़ियाल की मौत हुई है। उस घड़ियाल के शरीर के अंगों को रासयनिक लेप लगाकर और फोम भरकर यहां प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद घड़ियाल के अंगों को इस प्रकिया को पूरा कर यहां प्रदर्शित किया गया है। ताकि सैलानी इसकी शारीरिक संरचना को जान सकें।