पेज-13

- पटवारी से लेकर तहसीलदार तक लगा रहे आवेदन, पटवारी कर रहे टालमटोल

बमोरी। नवदुनिया न्यूज

सीमांकन के मामलों को लेकर सरकार भले ही गंभीर हो और एक महीने में सीमांकन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दे रही हो। लेकिन तहसील में लोग छह महीने बाद भी सीमांकन के आवेदन लिए भटकते नजर आ रहे हैं। ऐसे कई प्रकरण हैं, जिनमें पटवारी और आरआई कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

तहसील के किसानों का आरोप है कि पटवारी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इस मौसम में सीमांकन नहीं हो सकता है। जबकि किसान कई महीनों से पटवारी से लेकर तहसीलदार तक आवेदन दे चुके हैं, लेकिन सीमांकन नहीं हो रहा है। पटवारी हल्का नंबर 17 में टीकाराम पुत्र श्रीलाल का 6 बीघा, पटवारी हल्का नंबर 32 बमोरीखास में मुन्नीबाई कमलसिंह सहरिया का 5 बीघा का सीमांकन होना है। इसी तरह संपत बाई पति फूलसिंह अहिरवार का ग्राम खड़ेला में सीमांकन होना है। ऐसे कई ग्रामीण हैं, जो सीमांकन के लिए छह महीने से ज्यादा समय से सीमांकन के लिए तहसीलदार और आरआई तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पटवारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सीमांकन का फार्म जमा करने के बाद पावती भी नहीं दी जा रही है, जिससे अन्यत्र अपील नहीं कर पा रहे हैें।

बॉक्स..

जमीन नपती के लिए महिला काट रही चक्कर

बमोरी के खड़ेला गांव की महिला रामबती बाई अहिरवार बुधवार को पति फूलसिंह के साथ तहसील पहुंची। इस दौरान तहसीलदार रामनिवास चौधरी से मिलना चाहा, लेकिन मीटिंग में होने से मुलाकात नहीं हो सकी। महिला ने आरोप लगाया कि दो बार गुना में चालान जमा कर दिया है। इसके बाद पति के मोबाइल पर मैसेज भी आया। नपती के लिए पटवारी भी पहुंची, लेकिन कुछ सामान घर भूल आने का कहकर कल नपती की बात कही। दूसरे दिन पति पहुंचे, तो फसल घूमने के चलते गर्मी बाद नपती करने कहा। लेकिन अब गर्मियां निकल चुकी हैं, जिसके बाद भी चक्कर काटना पड़ रहा है। इस संबंध में गिरदावर राजेंद्र ओझा ने कहा कि पटवारी से पूरे मामले की जानकारी लेकर ही बता सकता हूं। क्योंकि, मैंने सभी पटवारियों को जल्द नपती के आदेश देकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।

वर्जन-

फिलहाल ऐसी शिकायत नहीं मिली है। तहसीलदार अभी सामूहिक अवकाश पर हैं, जिससे ऐसी स्थिति बनी होगी। लेकिन कई महीनों बाद भी सीमांकन नहीं हुए हैं, तो दिखवाकर त्वरित कार्रवाई कराई जाएगी।

- डीके शुक्ला, एसडीएम, गुना-बमोरी

---