- रातीबड़ स्थित ग्राम भीलखेड़ा के डूब क्षेत्र में हुई घटना

- ऊंट व भेड़ों की रेवड़ लेकर दो दिन पहले डाला था डेरा

- डेयरी फार्म के मालिक सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

राजस्थान से ऊंट व भेड़ों की रेवड़ (झुंड) लेकर आए गडरियों का जंगल में लगी घास (चारा) को लेकर ग्रामीणों से विवाद हो गया। जिसके चलते एक डेयरी फार्म के मालिक ने आधा दर्जन लोगों के साथ मिलकर गडरियों के डेरे पर हमला कर दिया। मारपीट में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना शनिवार सुबह रातीबड़ स्थित ग्राम भीलखेड़ा के तालाब के डूब क्षेत्र में हुई।

रातीबड़ थाना प्रभारी सुनील सिंह भदौरिया ने बताया कि मूलतः ग्राम पैनावा जिला पाली, राजस्थान निवासी मनाराम (30) अपने समाज के लोगों के साथ ऊंट और भेड़ों को चराने निकला था। दो दिन पहले उन लोगों ने भीलखेड़ा गांव के तालाब के डूब क्षेत्र के पास अपना डेरा डाला था। उनके जानवर वहां लगी घास से पेट भर रहे थे। इस गांव में डॉ. संजय श्रीवास्तव का बड़ा डेयरी फार्म है। इसके अलावा गांव के मवेशी भी डूब क्षेत्र में घास चरने जाते हैं। डॉ. श्रीवास्तव ने गांव वालों से बात की और आशंका जताई कि यदि ये लोग यहां डेरा डाल कर रखेंगे,तो इनके ऊंट, भेड़ सारा चारा चट कर जाएंगे। इसी बात को लेकर डॉ. श्रीवास्तव शनिवार सुबह करीब 9ः30 बजे कुछ गांव वालों के साथ गडरियों के डेरे पर पहुंचे। वहां मनाराम और उसके साथी रणछोड़ (28) ने साफ कह दिया कि वे लोग दो दिन बाद यहां से जाएंगे। इसके साथ ही दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। इसी बीच डॉ. श्रीवास्तव और ग्रामीणों ने गडरियों के डेरे पर लाठी, तलवार लेकर हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से मनाराम और रणछोड़ गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। यहां जांच करने के बाद डॉक्टर ने मनाराम को मृत घोषित कर दिया। रणछोड़ की हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में पुलिस ने डॉ. संजय श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।