बड़वानी। सामान्य तौर पर भगवान आशुतोष को सीधे-सीधे श्री अर्थात आर्थिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाता है, लेकिन बड़वानी जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर धार जिले की सीमा पर स्थित बोधवाड़ा का शिवालय इसके उलट विशेषताएं लिए हुए है।

मां नर्मदा के तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में रुद्र यंत्र पर शिवलिंग की स्थापना व श्री यंत्र के रूप में बनी मंदिर की छत इसे अनूठा बनाती है। मान्यता है कि नर्मदा की परिक्रमा के दौरान देवताओं ने बोध्ावाड़ा में शिवलिंग की स्थापना की थी।

यहां शिव की महिमा से श्री की प्राप्ति होती है, वहीं मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग इंदौर द्वारा लगाए गए बोर्ड के अनुसार मंदिर की स्थापना 12वीं शती में अर्थात करीब 900 वर्ष पूर्व हुई है। आध्यात्मिक महत्व जानने वाले श्रद्धालुओं की मानें तो ऐसा अपने आप में यह इकलौता शिव मंदिर ही है। वहीं मां नर्मदा के उत्तर तट पर स्थापित होने से इसका महत्‍व और बढ़ जाता है।

सवा बारह फीट का है शिवलिंग

बोधवाड़ा मंदिर का उल्लेख नर्मदा पुराण में भी मिलता है। मान्यता अनुसार स्थापित किया गया शिवलिंग कुल सवा बारह फीट का है। इसमें 11 फीट जमीन के अंदर व सवा फीट ऊपर है।