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    जनप्रतिनिधियों ने वादा नहीं किया पूरा, शिक्षा के लिए बच्चे उठा रहे जान का जोखिम

    Published: Wed, 18 Apr 2018 01:16 AM (IST) | Updated: Wed, 18 Apr 2018 01:16 AM (IST)
    By: Editorial Team

    रजेगांव (नईदुनिया न्यूज)।

    न ग्रामीणों का प्रदर्शन काम आया और न जनप्रतिनिधियों का वादा। साल दर साल बीत रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या का स्थाई हल नहीं निकल पा रहा है। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कटंगी-मौदा गांव के बीच देवनदी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। लगातार पुल की मांग करने के बाद भी ग्रामीणों की आस पूरी नहीं हो पा रही है। जनप्रतिनिधि और प्रशासन ने भले ही ग्रामीणों से वादा कर पुल निर्माण का भरोसा दिलाया हो। लेकिन इसके निर्माण के लिए स्वीकृति नहीं मिल पाई है। यहां पुल नहीं होने से बच्चों को स्कूल जाने के लिए जान का जोखिम उठाना पड़ता है।

    कवायद महज सर्वे तक ही सिमटकर रह गई

    पूर्व कलेक्टर भरत यादव ने देवनदी पर पुल के निर्माण के लिए सेतु निगम से सर्वे भी कराया था, लेकिन यह कवायद महज सर्वे तक ही सिमटकर रह गई है। न जनप्रतिनिधि आगे आ रहे हैं और न ही प्रशासन कोई स्टेप लेता नजर आ रहा है। लिहाजा ग्रामीणों की पुल निर्माण की आस फीकी पड़ती नजर आ रही है।

    ऐसे स्कूल जाते हैं बच्चे

    रोजाना स्कूली बच्चे सिर पर सामान रखकर नदी पार करते हैं, इतना ही नहीं नदी पार करने के लिए गमछा व तौलिया लपेटकर घर से निकलते हैं। स्कूली बैग में पुस्तकों के अलावा उनकी एक जोड़ी ड्रैस होती है। जिसे नदी पार करने के बाद वे पहनते हैं।

    शर्मसार करती मजबूरी

    स्कूल जाने के लिए नदी पार करते समय बच्चे भीग जाते हैं। छात्र तो कहीं भी खड़े होकर कपड़े बदल लेते हैं, लेकिन छात्राओं को इस मजबूरी के बीच शर्मसार होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां शिक्षा के लिए सरकार ढेरों जतन कर रही है। वहीं दूसरी स्कूली बच्चों को शिक्षा के लिए होने वाले संकट से छुटकारा नहीं दिला पा रही है।

    ये है स्थिति

    - परसवाड़ा विधानसभा के कटंगी गांव से 1 किमी दूर जाने जोखिम उठाते हैं स्कूली बच्चे।

    - कटंगी से मौदा जाते हैं,डेढ़ सौ से अधिक स्कूली बच्चे।

    - देवनदी बारिश में शिक्षा के लिए बन जाती है बाधक।

    - कपड़े उतारकर नदी पार करते हैं स्कूली बच्चे।

    -आजादी के 70 साल बाद भी सिर पर बोझ लेकर नदी पार करना पड़ता है।

    -प्रभावित हो रही दर्जन भर गांवों की आबादी।

    -बारिश में कटंगी से मौदा आने 12 किमी का सफर तय करते हैं बच्चे।

    -स्कूली जाने की मजबूरी के बीच रोजाना छात्राओं को होना पड़ता है शर्मसार।

    -ग्रामीणों की मांग पर विधायक और सांसदों ने नहीं दिया ध्यान।

    -वर्तमान विधायक भी नहीं पहुंच पाए ग्रामीणों तक।

    -पुल नहीं होने से प्रभावित हो रही 10 हजार की आबादी।

    इनका कहना

    लगातार शासन-प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जाता रहा है, लेकिन इस समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब यह समस्या बर्दाश्त से बाहर हो गई है। समय रहते जिम्मेदारों ने इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाए तो ग्रामीण पुल के लिए आंदोलन करेंगे। जिसकी जबावदारी शासन-प्रशासन की होगी।

    - खिनेश नागेश्वर, पंच मौदा पंचायत

    कटंगी-मौदा के बीच देवनदी पर पुल निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। ग्रामीण विकास के लिए काफी राशि आ रही है। शासन की योजनाओं में इसे भी शामिल कराकर निर्माण कार्य कराया जाएगा।

    -बोध सिंह भगत, सांसद

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