बालाघाट। देबरवेली के शक्तिकसा में पुलिस के हाथ लगे नक्सली मुन्ना बरकड़े और इंदल सिंह कई अहम राज खोल सकते हैं। इनसे पूछताछ कर रही पुलिस ने कैंप की प्लानिंग और कई वारदातों का पता लगाया है। पुलिस का मानना है कि पूर्व में कुछ वायरलेस सेट भी नक्सली सामान के साथ बरामद हुए थे।

इससे नक्सली यहां बड़ी वारदात की प्लानिंग में आमद बढ़ा रहे थे। वहीं अब छत्तीसगढ़ पुलिस भी पूछताछ के लिए बालाघाट पहुंची है। तीन दिन की पुलिस रिमांड के बाद छत्तीसगढ़ में वारदात को अंजाम देकर तांडा दलम व विस्तार दलम के सक्रिय मुन्ना नक्सली बरकड़े की छत्तीसगढ़ पुलिस भी रिमांड ले सकती है।

17 सालों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

मुन्ना बरकड़े के 17 वर्षों का पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है। अब तक उसने पुलिस को दो वारदातों में शामिल होने की जानकारी दी है। जबकि सैकड़ाभर से अधिक नक्सली बैठकों में शामिल होने की कहानी बताई है।

सेंट्रल कमेटी के इशारे पर एंबुस प्लान करता था मुन्ना

हार्डकोर नक्सली दिलीप उर्फ गुहा के बाद मुन्ना पुलिस के हाथ लगा है। जिसने बालाघाट जिले की सीमा से लगे महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के इलाके में भूमिगत विस्फोटक छिपाने का ज्यादा काम किया है। तांडा दलम के बाद विस्तार दलम में सक्रिय रहे मुन्ना बरकड़े सेंट्रल कमेटी के इशारे पर एंबुस प्लान करता था। पिछले दो माह में इसने तीन अलग-अलग स्थानों पर नक्सली विस्फोटक छिपाए थे।

इनका कहना है

मुठभेड़ में पकड़ाए तांडा दलम व विस्तार दलम के नक्सली मुन्ना बरकड़े से पूछताछ करने के लिए छत्तीसगढ़ नक्सल ऑपरेशन पुलिस पहुंची है, जो उससे पूछताछ कर रही है।

-संदेश जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑपरेशन, बालाघाट