बड़वानी, नईदुनिया प्रतिनिधि। अंजड़ क्षेत्र के ग्राम दहीबैड़ा में मंदिर में आयोजित भंडारे के बाद बड़ी संख्या में लोगों को उल्टी-दस्त की समस्या हुई। डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर फूड पायजनिंग होना बताया है। दोपहर से मरीजों का जिला अस्पताल आना शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी था। इस दौरान करीब 10 गांव के 500 से अधिक मरीज जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में भर्ती किए गए।

ग्राम दहीबैड़ा के शिव मंदिर में मंगलवार को महाशिवरात्रि पर भंडारे का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार शिव मंदिर में पिछले करीब 25 साल से भंडारा आयोजित किया जा रहा है। इस बार साबूदाने की खिचड़ी और आलू की मिठाई श्रद्धालुओं में वितरित की गई। सुबह 11 बजे से शुरू हुए भंडारे के बाद दोपहर 1 बजे से बच्चों और अन्य श्रद्धालुओं को उल्टी आदि की शिकायत आने लगी। इसके बाद करीब 3 बजे भंडारा बंद कर दिया गया। इस दौरान दहीबैड़ा सहित पिपरी, ध्ानोरा, बोरलाय, उचावद, पिपलूद, सेगांव, आंवली आदि ग्रामों के श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

जो वाहन मिला, उससे लाए मरीज

उल्टी-दस्त की शिकायत आने पर पहले कुछ मरीजों को अंजड़ शासकीय अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद मरीजों को सीधे जिला अस्पताल भेजना शुरू किया गया। 4 एंबुलेंस, डायल-100 वाहन सहित टेम्पो, स्कूल बस, ट्रैक्टर, जीप-कार, बाइक जिसे जो वाहन मिला मरीजों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं छोटी पड़ने पर मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया। इनमें अधिकांश बच्चे प्रभावित थे। जिला अस्पताल में टेंट लगाकर भर्ती किया गया।

उधर कुछ लोगों द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद भी अधिकारियों के समय पर अलर्ट न होने की शिकायत की गई। सिविल सर्जन डॉ. अनिता सिंगारे ने बताया कि प्राथमिक तौर पर फूड पायजनिंग ही लग रहा है। मरीजों की संख्या अधिक है, लेकिन सभी अंडर कंट्रोल है। क्षमता से बहुत अधिक मरीज होने पर निजी अस्पतालों में भी भेजे गए हैं।