-नर्मदा घाटी में एनएपीएम और एनबीए युवा संवाद, नदियों पर बांधों के पर्यावरण और सामाजिक लागतों के बारे में बात

बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि

नर्मदा घाटी के राजघाट में एनएपीएम और नबआं युवा संवाद का दूसरा दिन मंगलवार को मां नर्मदा के गीत गाकर शुरू हुआ। नबआं के आशीष मंडलोई की 9वीं पुण्यतिथि और देवेंद्रसिंह तोमर की स्मृति में आयोजित युवा संवाद में जाति, लैंगिक समानता, आरटीई, पर्यावरण जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात हुई और निष्कर्ष के साथ उस दिशा में काम करने पर सहमति बनी।

संवाद में आम्बेडकरवादी कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी ने जाति पर एक सत्र का संचालन कि या। उन्होंने उत्पीड़ित जातियों के अधिकारों के लिए लड़ने के अपने अनुभवों को साझा कि या। युवाओं ने अपने स्थानीय समुदायों में जाति के अनुभवों को साझा कि या और चर्चा की वे सुधार करने के लिए क्या कर सकते हैं। लखनऊ के हमसफर संस्था से रुबीना और जैनब ने युवाओं के साथ लैंगिक समानता पर एक सत्र लिया। मजेदार गतिविधियों और संवादात्मक चर्चा के माध्यम से युवाओं ने सामाजिक रूप से सन्निाहित धारणाओं का पता लगाया। युवाओं ने अपने जीवन में और आंदोलनों में भूमिका पर विचार कि या। उन्होंने समाज को बदलने का संकल्प लिया।

आरटीआई पर चर्चा

सूचना के अधिकार अभियान के लिए राष्ट्रीय अभियान से अमृता ने सूचना के अधिकार अधिनियम पर एक सूचनात्मक सत्र कि या। उन्होंने आरटीआई को भारत में लागू करने, कानून के प्रमुख प्रावधानों को हासिल करने के लिए आंदोलन के इतिहास पर चर्चा की। उपस्थित विभिन्न युवाओं ने एक आरटीआई को अभ्यास के रूप में लिखा और इस कानून को इस्तेमाल करने के अपने अनुभवों को साझा कि या। दोपहर के सत्र के संवाद में मातु जन संगठन के विमल भाई के साथ युवाओं ने पर्यावरण और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने नदियों पर बांधों के पर्यावरण और सामाजिक लागतों के बारे में बात की।

पुनर्वास स्थलों का दौरा कि या

संवाद के बाद शाम को सभी ने सरदार सरोवर परियोजना के पुनर्वास स्थलों का दौरा कि या। नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं में नबआं नेत्री मेधा पाटकर, राहुल यादव, रोहित सिंह आदि ने पुनर्वास के इतिहास और वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। सामाजिक मुद्दों पर लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ दिन समाप्त हुआ। वहीं सोमवार को युवा संवाद के पहले दिन सात राज्य से करीब 50 से अधिक युवा शामिल हुए। शुरुआत में आशीष मंडलोई व देवेंद्रसिंह तोमर को श्रद्धांजलि दी गई।

21बीएआर-53बड़वानी के समीप राजघाट में चल रहा है युवा संवाद कार्यक्रम।

21बीएआर-54युवाओं ने आरटीआई लिखने का अभ्यास कि या।