ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

महाराज बाड़े पर नजरबाग मार्केट के पास शनिवार की दोपहर में फुटपाथी दुकानदारों का मदाखलत दस्ते द्वारा सामान समेटने पर हंगामा हो गया। फुटपाथी दुकानदारों का कहना था कि हाइकोर्ट में 22 अक्टूबर की तारीख लगी है। मदाखलत दस्ते के कर्मचारियों से अभद्रता करने के आरोप में पुलिस निर्मल सिंह राजावत को पकड़कर थाने ले आई। दुकानदार भी कोतवाली थाने पहुंच गए। सीएसपी देवेंद्र सिंह कुशवाह व टीआई कोतवाली डीपी गुप्ता ने दुकानदारों को एक बार फिर आगाह किया कि कोर्ट के आदेश का पालन हर कीमत में कराया जाएगा। दुकानें नहीं लगने दी जाएगी। फुटपाथी दुकानदार नगर निगम के कर्मचारी व पुलिस पर ज्यादती करने का आरोप लगा रहे थे।

नजरबाग व सुभाष मार्केट के बाहर फुटपाथ पर दुकाने लगने से लोगों के निकलने का रास्ता तक नहीं मिलता है, जिससे जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। न्यायालय ने भी बाड़े पर फुटपाथी दुकानें लगाने पर रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश का पालन के लिए एक बार फिर नगर निगम व पुलिस सक्रिय हो गई है। शनिवार की दोपहर को नगर निगम का मदाखलत दस्ता फुटपाथी दुकानदारों का सामान समेटने के लिए पहुंच गय। फुटपाथी दुकानदारों ने इसका प्रतिरोध किया। दुकानदार मौके पर ही जब्ती की रसीद मांगने लगे। इसी को लेकर दुकानदार निगम कर्मियों से उलझ गए। पुलिस दुकानदारों के मुखिया निर्मल सिंह राजावत को पकड़कर थाने ले आई। दुकानदारों ने कोतवाली थाना घेर लिया।

सुलह के प्रयासः सीएसपी व टीआई के स्पष्ट शब्दों में समझाया कि अगर कोई दुकानदार कोर्ट के आदेश का पालन करने में कोई बाधक बना, तो उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के कर्मचारी भी शासकीय कार्य में व्यवधान डालने का मामला दर्ज कराने के लिए थाने पहुंच गए। इसके बाद फुटपाथी दुकानदार ठंड़े पड़ गए। उसके बाद सुलह करने के प्रयास करने लगे। निगम के कर्मचारियों का कहना है कि निर्मल सिंह राजावत लिखित में भरोसा दिलाए कि भविष्य में शासकीय कार्य में व्यवधान नहीं डालेंगे। उसके बाद ही निगम कर्मचारियों ने लिखित शिकायत वापस ली।