फोटो रिपोर्टिंग से

ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शिक्षा विभाग में जनता के पैसों की किस प्रकार फिजूलखर्ची हो रही है इसका उदाहरण बीआरसी कार्यालय में देखा जा सकता है। शिक्षा विभाग के कायार्े से निरीक्षण पर जाने के लिए डीपीसी के पास शासन की ओर से एक वाहन (बोलेरो) पहले से ही मौजूद है। इसके बाद भी निर्माण कायोर् का निरीक्षण करने के नाम पर एक और वाहन (स्कार्पियो) को डीपीसी कार्यालय में अटैच करा लिया है। वाहन को अटैच कराते समय नियमों को भी ताक पर रखा गया है। क्योंकि वाहन के साथ ड्राइवर भी मिलता है। लेकिन ड्राइवर नहीं मिला है।

मोती महल स्थित शिक्षा विभाग के डीपीसी कार्यालय में दो वाहनों को अटैच किया गया है। इसमें एक वाहन (बोलेरो) क्रमांक एमपी07 सीएफ 3216 डीपीसी विजय दीक्षित के पास पहले से ही है। इस वाहन को वह शिक्षा विभाग के कार्यों और निरीक्षण आदि के कायार्े के लिए उपयोग करते हैं। इसके बाद विगत दिनों एक ओर स्कार्पियो डीपीसी कार्यालय में अटैच कर दी गई है। इसका नम्बर एमपी 07 सीएफ 4818 है। इस वाहन को निर्माण कार्यों के निरीक्षण आदि के लिए किराए पर अटैच कराया गया है। शासन का नियम है कि जो भी व्यक्ति अपना वाहन अटैच कराएगा वहीं शासन को ड्राइवर आदि भी व्यवस्था कर के देगा। लेकिन वाहन को अटैच करा लिया पर ड्राइवर को नहीं रखा गया है। इसके चलते अधिकांश समय यह वाहन विभाग के बाहर ही खड़ा रहता है। लेकिन इसके बाद भी लॉगबुक में इसका लगातार चलना दिखाया जा रहा है।

15000 रुपए है मासिक किराया

स्कार्पियों को अटैच करने के बाद उसका मासिक भुगतान लगभग 15000 रुपए किया जाता है। वाहन का ड्राइवर नहीं होने के कारण शासन का यह पैसा बर्बाद जा रहा है।

डीपीसी के निजी कार्यों में उपयोग होने का आरोप

विभागीय सूत्रों के अनुसार स्कार्पियों क्रमांक एमपी 07 सीए 4818 को डीपीसी अपने निजी कार्यों के लिए उपयोग करते हैं। इस गाड़ी को वह शाम को स्वयं ड्राइव करते हैं, जिसके चलते उन्होंने अभी तक ड्राइवर को विभागीय कार्यों के लिए नहीं रखा है। साथ ही निजी कार्यों में खर्च किए गए पेट्रोल का भुगतान वह विभागीय निरीक्षण के नाम पर करा रहे हैं।

प्राचार्य का है मूलपद

जिला में डीपीसी का कार्य संभाल रहे विजय दीक्षित का मूल पद प्राचार्य का है। सूत्रों के अनुसार डीपीसी का चार्ज मिलने के बाद विजय दीक्षित लम्बे समय से विद्यालय में नहीं गए हैं।

आरएसएस में है पदाधिकारी

विजय दीक्षित शिक्षा विभाग में कर्मचारी होने के कारण ही आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) में भी सह प्रचार प्रमुख का दायित्व संभाल रहे हैं। 26 दिसम्बर 2017 को भोपाल में आयोजित मध्य भारत प्रांत की कार्यकारिणी के गठन के कार्यक्रम में सह प्रचार प्रमुख की हैसियत से शामिल हुए थे।

सीधी बात विजय दीक्षित

प्र- वाहन (बोलेरो) क्रमांक एमपी 07 सीएफ 3216 किसके पास अटैच है।

उ- यह कार डीपीसी कार्यालय में शासन की ओर से अटैच है इसका उपयोग मैं निरीक्षण आदि कार्यो के लिए करता हूं।

प्र- वाहन (स्कार्फियो) क्रमांक एमपी 07 सीए 4818 क्यों अटैच की है।

उ- यह गाड़ी एपीसी के लिए अटैच कराई गई है। क्योंकि उन्हें निरीक्षण के लिए जाना होता है साथ ही वह निर्माण कार्यो को भी देखने जाते हैं।

प्र- गाड़ी के साथ ड्राइवर मिला है क्या।

उ- गाड़ी के साथ ड्राइवर नहीं मिला है।

प्र- फिर गाड़ी कौन चलाता है।

उ- प्रौण शिक्षा केन्द्र का कर्मचारी गाड़ी चलता है।

विजय दीक्षित

डीपीसी

वर्जन

एपीसी को अगर जरूरत होती है तो जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से वाहन की व्यवस्था करा दी जाती है। लेकिन एपीसी के लिए अलग से स्कार्पियों अटैच करने की जानकारी मुझे नहीं है। मैं सोमवार को इस मामले की पूरी जानकारी लेती हूं। अगर इसमें कोई दोषी होगा तो उस पर कार्रवाई होगी।

ममता चतुर्वेदी

जिला शिक्षा अधिकारी