ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

2 मिनट भी देर हो जाती तो सिलेंडर फटने से लगी आग में एक परिवार की 20 जिंदगियां फंस जातीं। घटना शनिवार सुबह नाका चन्द्रवदनी दुर्गेशपुरी शिव कॉलोनी की है। खाना बनाते समय अचानक सिलेंडर में लगे रेगूलेटर में आग भड़की। परिवार के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बुझी तो घर से बाहर आने का फैसला लिया। परिवार के सदस्य घर से बाहर निकले ही हैं, उसके ठीक 2 मिनट बाद तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। जिससे दो मंजिल मकान में बीच से दरार आ गई। साथ ही किचन और उसका पास का कमरा जलकर राख हो गया।

झांसी रोड नाका चन्द्रवदनी के दुर्गेशपुरी स्थित शिव कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय रूपसिंह पुत्र चिरोंजीलाल कुशवाह लेत मशीन की दुकान चलाते हैं। परिवार में उनके बेटे राहुल, सोनू व अंकित और दो बेटियां, पत्नी के अलावा तीन भाई व उनका परिवार सहित कुल 20 सदस्य रहते हैं। शनिवार सुबह रूपसिंह के घर में दूसरी मंजिल पर किचन में सुबह का खाना बन रहा था। तभी सुबह 9 बजे अचानक सिलेंडर में लगे रेगूलेटर से आग लगना शुरू हुई। यह देखकर रूपसिंह की पत्नी ने शोर मचाया तो वह भी किचन में पहुंचे। आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उसी समय तेजी से गैस निकलने से आग और भड़क गई। रूपसिंह को समझते देर नहीं लगी कि हालात काबू से बाहर हो गए हैं। उन्होंने तत्काल घर को खाली करने का निर्णय लिया। शोर मचाते हुए वह घर से बाहर निकले। उनके परिवार के सभी सदस्य बाहर की तरफ भागे। इस दौरान कुल 2 मिनट का समय लगा होगा। अभी वह मकान से बाहर निकलकर सड़क पर पहुंचे ही थे कि एक तेज धमाके के साथ सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। जिसके बाद किचन और उसके पास के कमरे में आग लग गई। मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल दस्ते को सूचना दी। जिसके बाद दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा।

हम बाहर नहीं निकलते तो दर्पण कॉलोनी जैसे हालात होते

सिलेंडर के फटने से दो मिनट पहले ही बाहर निकले थे। परिवार के 20 सदस्य घर में थे जिस समय आग लगी। मैंने सही समय पर घर से निकलने का फैसला लिया। उसके दो मिनट बाद ही ब्लास्ट हुआ। खुश किस्मत रहे कि घर में ब्लास्ट के समय कोई नहीं था। क्योंकि कुछ दिन पहले ही दर्पण में हुआ हादसा भी हमें याद था, जिसमें एक ही परिवार के कई लोगों की जान चली गई थी। हम बाहर नहीं आते तो कुछ भी हो सकता था।

(जैसा रूपसिंह ने नईदुनिया को बताया)

दो दिन पहले ही लगाया था सिलेंडर

परिजन ने बताया कि सिलेंडर से गैस चूल्हा तक पाइप नया है इसलिए वहां से गैस लीक नहीं हो रही थी। 15 दिन पहले सिलेंडर आया था। पर दो दिन पहले ही सिलेंडर लगाया था। सिलेंडर की पिन में ही कोई कमी थी जिसके बाद वहां से आग लगना शुरू हुई।