ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मोतीझील क्रॉसिंग के पास नैरोगेज ट्रेन रोकने के मामले में तीन माह बाद पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार को गिरफ्तारी देने आरपीएफ थाने पहुंचे। पुलिस अफसर थाने में तैयारी कर बैठे थे, कार्यकर्ता पहले ही जरूरी दस्तावेज लेकर मौजूद थे। पूर्व विधायक पहुंचे, कार्यकर्ताओं की भीड़ के साथ अंदर दाखिल हुए और ठीक 5 मिनट बाद जमानत पर रिहा होकर बाहर आ गए।

12 जुलाई को पेयजल, सड़कों के गड्डों को लेकर पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर के नेतृत्व में नैरोगेज ट्रेन को रोका गया था। इस मामले में पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ आरपीएफ थाने में मामला दर्ज हुआ था। आमतौर पर यदि आरपीएफ किसी को पकड़ ले तो सभी दस्तावेज होने के बाद भी जमानत होने में 3 से 4 घंटे लग जाते हैं। जबकि पूर्व विधायक के लिए थाने में स्टाफ पहले से मौजूद था, बाहर दस्तावेज लेकर कार्यकर्ता खड़े थे। शनिवार दोपहर 1.08 बजे पूर्व विधायक थाने पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने अपनी आईडी प्रस्तुत की, दोपहर 1.13 बजे जमानत लेकर थाने से बाहर आ गए।

थाने के गेट पर नारेबाजीः

जमानत के बाद आरपीएफ थाना परिसर में पूर्व विधायक एवं समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। जिसकी आरपीएफ स्टाफ ने वीडियो रिकॉर्डिंग की, साथ ही फोटो भी लिए गए। पूर्व विधायक ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि 8-10 दिनों से आरपीएफ कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही थी। बीते रोज जब वह स्टेशन पर सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत के लिए पहुंचे तो गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया था। इसलिए वह खुद ही थाने में गिरफ्तारी देने पहुंच गए।

इनकी हुई जमानतः

नैरोगेज ट्रेन रोकने के मामले में पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर, रघुवीर राय, पंजाब यादव, विश्वनाथ सांलुके, हिमाचल सिकरवार, सैहजाद खान, दीपक चौहान की जमानत हो गई है। जबकि फिरोज खान, मुलायम सिंह और उस्मान खान की जमानत नहीं हुई है।

इन धाराओं के तहत मामला हुआ था दर्जः

धारा 147ः रेलवे एरिया में अनाधिकृत तरीके से प्रवेश करना।

धारा 174ः ट्रेन को जबरिया रोकना।

नोटः दोनों धाराएं जमानती हैं, जिसमें थाने से ही जमानत हो जाती है।

क्या होता है नुकसानः

इन दोनों धाराओं में जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। कुछ समय पहले एक व्यक्ति नैरागेज ट्रैक पर गाड़ी खड़ी करके चला गया था। जिसके कारण नैरोगेज 18 मिनट लेट हुई थी। इसमें जुर्माना गाड़ी के डिटेन्शन के हिसाब से होता है। ऐसे में 18 मिनट नैरोगेज खड़ी रहने पर 50 हजार का जुर्माना हुआ था। पूर्व विधायक के कारण नैरोगेज एक घंटा लेट हुई थी।