ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हुरावली फूटी कॉलोनी में टूटे हुए मकानों के ईंट पत्थर जोड़कर लोग फिर मकान बनाने का प्रयास कर रहे थे। प्रशासन को सूचना मिली तो टीम शनिवार की सुबह 9 बजे फिर पहुंच गई। जेसीबी को देखते ही लोग घबरा गए, कुछ ने तो खुद ही कच्ची दीवारें ढहाना शुरु कर दी। जबकि इक्का दुक्का लोगों ने विरोध भी किया। हालांकि पुलिस फोर्स की मौजूदगी के कारण किसी की एक नहीं चली। करीब 50 मकानों को जेसीबी से ढहा दिया गया है। शाम 5.30 बजे तक 32 बीघा जमीन पूरी तरह क्लीन हो चुकी थी।

प्रशासन ने फूटी कॉलोनी में करीब 250 मकान पहले ही ढहा दिए थे। कुछ की दीवारे आधी गिराकर छोड़ दी थी, जबकि कुछ कच्चे निर्माण बच गए थे। प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ लोग टूटे हुए मकानों को फिर से बनाने का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को सुबह 9 बजे तहसीलदार शिवानी पांडे के नेतृत्व में अमला जेसीबी के साथ फिर फूटी कॉलोनी पहुंच गया। जेसीबी को देखते ही लोगों में हडकंप मच गया। लोगों ने आश्वासन दिया कि वह खुद ही निर्माण ढहा देंगे। अफसरों का कहना था कि दोबारा बनाने का प्रयास किया है इसलिए इस बार समय नहीं मिल सकता। इसके बाद जेसीबी की सहायता से कच्चे पक्के करीब 50 मकानों को शाम 5.30 बजे तक ढहा दिया गया।

उग्र नहीं, लेकिन विरोध तो हुआः

पिछले दिनों हुई पुलिस कार्रवाई के बाद लोग काफी खौफजदा थे। ऐसे में तुड़ाई का उग्र विरोध करने का किसी ने साहस नहीं दिखाया। हालांकि कुछ लोगों ने अफसरों से बार-बार हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध जरुर जताया था, लेकिन पुलिस को देख वह भी चुप हो गए।

जमीन अलॉट करने की प्रक्रिया शुरुः

हुरावली फूटी कॉलोनी में करीब 32 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। प्रशासन ने इस जमीन को नगर निगम एवं थाने के लिए अलॉट करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है।

वर्जनः

फूटी कॉलोनी में कुछ मकानों की दीवारे तोड़ना रह गई थी, जबकि कुछ लोग वापस निर्माण करने का प्रयास कर रहे थे। इस प्रकार के तमाम निर्माण को शनिवार को ढहा दिया गया है। अब पूरी जमीन क्लीन हो चुकी है।

शिवानी पांडे, तहसीलदार