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ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

स्वच्छता में उच्च रैंक पाने के प्रयास में जुटा नगर निगम प्रशासन कागजी तौर पर मजबूत, लेकिन धरातल की योजनाओं पर फिसड्डी साबित हो रहा है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के वाहनों में ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) अनिवार्य हैं। स्वच्छता की गाइड लाइन में इसके भी अंक हैं, लेकिन स्थिति यह है कि नगर निगम के 97 में से केवल 35 वाहनों में ही यह सिस्टम लग सका है। जिनमें लगा है उसमें भी न तो लोकेशन ट्रेस हो रही न ही टाइमिंग। पिछले साल स्वच्छता सर्वे में भी इसी मुद्दों पर अंकों की कटौती हुई थी। इसके बाद भी निगम प्रशासन ने सबक नहीं लिया।

इसलिए जरूरी है जीपीएस

केन्द्र की गाइडलाइन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण में अलग-अलग कार्यों के अंक निर्धारित हैं। गाइड लाइन के तहत वाहनों में जीपीएस जरूरी है। निगम ने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए ईकोग्रीन कंपनी को ठेका दिया है। कंपनी ने एक साल में निगम सीमा के 66 में से केवल 36 वार्डों में ही यह सुविधा दी है। शेष में निगम के 97 वाहन दौड़ रहे हैं। वाहन क्षेत्र में जा रहे हैं अथवा नहीं, कितने समय पहुंच रहे हैं, इसकी एक कक्ष में ही बैठकर मॉनीटरिंग के लिए जीपीएस की अनिवार्यता की गई है।

जल्द समस्या दूर होगी-

कुछ वाहनों में जीपीएस लगना रह गया है। सर्वर प्रॉब्लम के कारण समस्या आ रही है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।

श्रीकांत कांटे, वर्कशॉप प्रभारी ननि