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ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव की तारीख घोषित हो गई है। 18 फरवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और 15 मार्च को मतदान होगा। मतदान खत्म होने के बाद पदाधिकारियों के पदों के मतों की गणना की जाएगी। देर रात तक रिजल्ट आ जाएगा। इस बार का चुनाव आचार संहिता के अनुसार होगा। आचार संहिता लागू कर चुनाव के दौरान होने वाली दावतों व प्रचार प्रसार पर रोक लगाई गई है। वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस व क्रिएटिव हाउस ने चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

चैंबर ऑफ कॉमर्स की कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को सभागार में आयोजित की गई। बैठक में दो मुद्दों को रखा गया। चुनाव व दीपावली मिलन समारोह आयोजित करने पर चर्चा की गई। बैठक में सर्व सम्मति से चुनाव की तारीख निर्धारित की गई। दीपावली मिलन समारोह की तारीख भी निर्धारित की है। 6 से 8 जनवरी के बीच दीपावली मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का बजट 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया गया है। बैठक में चैंबर के पदाधिकारी मौजूद थे। ज्ञात हो कि पिछले चुनाव में समय पर चुनाव कराना उम्मीदवारों का चुनावी मुद्दा था। इस कारण समय पर चुनाव कराए जा रहे हैं।

चुनाव में रहेगी आचार संहिता लागू

- निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार का बैनर, पोस्टर चिपकाना व टांगना प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्याशी के समर्थन में हैंडबिल विज्ञापन कार्ड बांट सकते हैं।

- उम्मीदवार प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी प्रकार का विज्ञापन नहीं दे सकते हैं। समर्थक व शुभ चिंतक भी विज्ञापन जारी नहीं कर सकते हैं। पेड न्यूज भी प्रतिबंधित रहेगी।

-उपहार, मिठाई के डिब्बे पर प्रत्याशी का नाम नहीं लिखा होगा। कैलेंडर देकर भी प्रलोभन नहीं दिया जा सकता।

- दावत प्रतिबंधित रहेंगी। चैंबर चुनाव दावतों की वजह से चर्चा में रहता है। क्योंकि पिछले चुनाव में खुलेआम मतदाताओं को महंगी शराब पिलाई गई थीं। इस बार के चुनाव में आचार संहिता के माध्यम से दावतों पर प्रतिबंध रहेगा।

बेटा, बेटी, पत्नी भी बन सकेगी प्रतिनिधि

चैंबर ने प्रतिनिधि बनने के नियमों में भी बदलाव किया है। अब 31 मार्च तक ही प्रतिनिधि परिवर्तन किया जा सकता है। अभी चुनाव के एक महीने पहले तक प्रतिनिधि बदलवा लेते थे।

- माता-पिता, पति-पत्नी, बेटा, बेटी, सगे भाई प्रतिनिधि बन सकते हैं। अभी तक फर्म के मालिक, संचालक, प्रबंधक व सेवारत कर्मचारी प्रतिनिधि बनते थे। सेवारत कर्मचारी प्रतिनिधि नहीं बन सकेंगे।

- चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदावर को अब अपना पुलिस वैरिफिकेश भी पेश करना होगा।