ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

स्वच्छता में शहर की सफाई व्यवस्था का सर्वे करने केन्द्र से दिल्ली की टीम जनवरी में ग्वालियर आएगी। लेकिन निगम प्रशासन ने अपने अधिकारियों को अभी से मानसिक रूप से तैयार रहने की योजना का खाका खींच लिया है। दिल्ली की टीम की तर्ज पर शहर में सर्वे के लिए विधानसभावार दल गठित कर दिए हैं। इसमें छह दलों में तो दूसरे विभागों के अधिकारियों को मुखिया बनाया है जबकि दो दलों की जिम्मेदारी निगम के अधिकारियों को सौंपी है। गठित दल अपनी-अपनी विधानसभा में जाकर औचक सर्वे करेंगे। फील्ड में मिले फीडबैक के आधार पर अंक देकर रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंपी जाएगी। यह परीक्षा 80 अंकों की है। इसके अलावा 20 अंक की परीक्षा क्षेत्राधिकारियों को देना होगी। उन्हें प्रजेन्टेशन देना होगा।

यह दल बनाए

ग्वालियर विधानसभा के जोन क्रमांक 1 से 7 तक के अधीन आने वाले वार्डों में सर्वे के लिए दो दल बनाए हैं। एक दल का प्रमुख लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री कीर्तिवर्धन मिश्रा, दूसरे दल की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के सहायक यंत्री आरएस शर्मा को दी है। ग्वालियर पूर्व विधानसभा के जोन 8 से 14 तक के वार्डों में एक दल की कमान लोकनिर्माण विभाग सेतु संभाग के कार्यपालन यंत्री मोहर सिंह जादौन और दूसरे की कमान सहायक यंत्री हरिओम अग्रवाल को दी है। ग्वालियर दक्षिण के जोन क्रमांक 15 से 21 तक के एक दल का मुखिया जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री राजेश चतुर्वेदी और दूसरे दल का एसडीओ यादवेन्द्र शर्मा को बनाया है। ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा के जोन क्रमांक 22 से 25 के लिए गठित दो दलों में एक का प्रमुख सीसीओ पवन सिंघल तथा दूसरे का सीओ डीके गुप्ता को मुखिया बनाया है।

इस तरह करेंगे काम

सभी दलों के प्रमुख अपने-अपने जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड में स्थित शौचालय, मूत्रालय, प्रमुख बाजारों की सूची थमाई है। उनके वार्डों में कहां-कहां डोर-टूृ-डोर कचरा वाहन पहुंच रहे हैं, यह जानकारी भी दी गई है। संबंधित क्षेत्राधिकारी और सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए हैं। दल में शामिल अधिकारी सूची लेकर औचक रूप में कहीं भी पहुंच सकते हैं। ठीक वैसे ही जैसे केन्द्र की क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम पहुंचती है। कचरे के ढेर, शौचालयों में बिजली-पानी के इंतजाम न होने की स्थिति में वे क्षेत्राधिकारी या सहायक स्वास्थ्य अधिकारी को कॉल कर मौके पर बुलाएंगे, उन्हें खामियां बताएंगे। लोगों से फीडबैक लेंगे। सभी के अंक तय कर दिए हैं। इसलिए उन्हें जैसी स्थिति मिलेगी, उसी अनुरूप अंक देकर 16 दिसंबर तक यह रिपोर्ट निगमायुक्त विनोद शर्मा को सौंपेंगे। अलग-अलग कार्यों के कुल 80 अंक निर्धारित किए हैं।

स्वच्छता में बेहतर रैंक की तैयारी

स्वच्छता रैंकिंग में ग्वालियर हर बार फिसड्डी साबित हो रहा है। इंदौर और भोपाल देश की सूची में पहले व दूसरे नंबर पर बने हुए हैं। शहर में न तो लोग सुधर रहे हैं और न ही निगम की ठोस योजना है। न नियमित सफाई हो रही और न ही हर वार्ड से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन। शौचालय, मूत्रालयों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। इस बार ग्वालियर नगर निगम ने डॉक्यूमेंटेशन स्तर पर तो बेहतर काम शुरू किया है, लेकिन धरातल पर योजना नजर नहीं आ रही। स्वच्छता सूचकांक से अवगत कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की लिखित परीक्षा तक ली जा चुकी है। इसी कड़ी में दल बनाकर निरीक्षण का काम शुरू कराया है।

मुस्तैद रहेंगे अधिकारी

विधानसभावार अलग-अलग दल गठित किए हैं। उनमें दूसरे विभागों के अधिकारियों को शामिल किया है। वे औचक निरीक्षण के बाद रिपोर्ट सौंपेंगे। इससे फील्ड की वस्तुस्थिति का पता चल सकेगा। हमारे अधिकारी भी मुस्तैद रहेंगे।

विनोद शर्मा, निगमायुक्त