ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

विधानसभा चुनाव 2018 में मतदान के बाद अब 11 दिसंबर को मतगणना होना है। इसको लेकर प्रशासन ने शनिवार को प्रत्याशियों के एजेन्टों को प्रशिक्षण दिया है। इस दौरान बताया गया कि मतगणना में सुबह 8 बजे से डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। आधा घंटे बाद कंट्रोल यूनिट में दर्ज मतों की गिनती शुरू की जाएगी। वीवीपैट से पर्चियों की गणना सबसे आखिरी में होगी। यदि कंट्रोल यूनिट में डिस्प्ले दिखाई नहीं देता है तो उस ईवीएम के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती की जाएगी। हालांकि यह भी सबसे आखिरी में ही होगा। यदि कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की पर्चियों की गिनती में अंतर आता है तो वीवीपैट को ही सही माना जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मतगणना के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों से भी अवगत कराया गया। कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि सभी एजेन्ट मतगणना हॉल में अपने निर्धारित स्थान पर ही बैठें, यदि आदेशों का उल्लंघन हुआ तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। मतगणना के संबंध में आखिरी फैसला रिटर्निंग ऑफिसर और निर्वाचन प्रेक्षक का ही मान्य होगा। एलएनआईपीई के टैगोर सभागार में ग्वालियर ग्रामीण, 15 ग्वालियर और ग्वालियर पूर्व के प्रत्याशियों के एजेन्ट को ट्रैनिंग दी गई। जबकि आईआईटीटीएम में ग्वालियर दक्षिण, भितरवार और डबरा के प्रत्याशियों के एजेन्ट को प्रशिक्षण दिया गया।

कब होगी वीवीपैट की पर्चियों की गिनतीः

मतगणना के दौरान किन परिस्थितियों में वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी, इसके बारे में भी एजेन्टों को बताया गया। हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में किसी एक मतदान केन्द्र के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती रेंडम रूप से अनिवार्य की जाएगी। किसी मतदान केन्द्र पर मॉक पोल के बाद वोटों को क्लीयर नहीं करते हुए वास्तविक मतदान प्रारंभ कर दिया होगा तो ऐसी स्थिति में भी वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी। इसके अलावा यदि प्रत्याशी द्वारा किसी मतदान केन्द्र के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती की मांग की जाती है तो जायज होने पर संबंधित रिटर्निंग अधिकारी निर्णय लेंगे।

नहीं ले जा सकेंगे मोबाइलः

मतगणना परिसर में मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, तंबाकू एवं खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। दोनों प्रवेश द्वारों पर लोगों को सख्त जांच के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा।

डाक मतपत्रों की गिनती के लिए दिया प्रशिक्षणः

डाक मतपत्रों की गिनती के लिए पर्यवेक्षकों एवं गणना सहायकों को शनिवार को जिला पंचायत सभागार में ट्रेनिंग दी गई। कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा भी इस दौरान मौजूद थे। इस दौरान बताया गया कि सबसे पहले प्रारूप 13 सी का बड़ा लिफाफा खोला जाएगा, जिसमें निर्वाचन की घोषणा निर्धारित प्रपत्र 13 ए और डाकर मतपत्र का लिफाफा 13 बी होगा। यदि बडॉे लिफाफे में कोई एक सामग्री मिले तो उसे अस्वीकृत करके सील लगाकर बंडल में रखा जाएगा। सबसे पहले घोषणा प्रारूप 13 ए की संवीक्षा होगी। जिसमें डाक मतपत्र क्रमांक, निर्वाचन के हस्ताक्षर और अनुप्रमाणनकर्ता अधिकारी के हस्ताक्षर की जांच होगी। कमी मिलने पर मतपत्र को निरस्त कर सील लगाई जाएगी।

किस स्थिति में निरस्त होगा डाक मतपत्रः

-किसी को मत नहीं दिया गया हो।

-एक से अधिक मत दिया गया होने पर।

-डाक मत पत्र नकली या विकृत होने पर।

-निर्धारित लिफाफे में नहीं दिया गया हो।

-निर्वाचक की पहचान स्थापित हो रही हो।

कौन से डाक मतपत्र मान्य होंगेः

-कोई भी मताकंन का चिन्ह होने पर डाक मतपत्र मान्य होगा।

-चिन्ह से स्पष्ट होना चाहिए कि वह किसे मत देना चाहता है।

-प्रत्याशी के नियत स्थान पर कहीं भी मतांकन किया गया होने पर।

-एक प्रत्याशी के स्थान पर एक से अधिक बार मतांकन किया गया हो एवं चिन्ह स्पष्ट होना चाहिए।