मालवा-निमाड़। अंचल में आदिवासियों के रंग-रंगीले लोकपर्व भगोरिया में युवक-युवतियों की टोलियों का अलग ही अंदाज है। पारंपरिक परिधानों के साथ आधुनिकता भी छाई है।

सेल्फी का क्रेज तो है ही, चश्मे का भी चलन बढ़ा है। रविवार को झाबुआ शहर में लगे मेले में 200 गांवों के लोग शामिल हुए और खरीदी के साथ झूलों का आनंद लिया।

ढोल-मांदल की थाप पर जमकर थिरके। झाबुआ-आलीराजपुर जिले के झाबुआ, ढोल्यावाड़, रायपुरिया, काकनवानी, कनवाड़ा, कुलवट, छकतला, सोरवा, आमखूंट, झीरण में मेले लगे। इधर, बड़वानी शहर में भी महाभोंगर्या परवान चढ़ा।

लोग तीर-कमान, टोकनी आदि सामग्री हाथों में लेकर झूमे। गेर निकालकर दशहरा मैदान पर नृत्य के साथ खुशी का इजहार कि या। सेंधवा में भोंगर्या हाट और खरगोन जिले के बेड़िया, भग्यापुर, ऊन और नागझिरी में भी भगोरिया का उल्लास छाया रहा।

सोमवार को यहां लगेंगे मेले

झाबुआ : पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर और रजला

आलीराजपुर : आलीराजपुर, चंद्रशेखर आजाद नगर।