भिंड। फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी पाने वाले जिले के 49 शिक्षकों को जिला पंचायत सीईओ सपना निगम ने बर्खास्त कर दिया है। इन शिक्षकों ने साल 2006, 2009 और 2011 में फर्जी दस्तावेजों के दम पर नौकरी ज्वाइन की थी। जिले में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

जिला शिक्षा अधिकारी एसएन तिवारी का कहना है कि बर्खास्त हुए शिक्षकों पर अब जल्द ही एफआईआर की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा 17 शिक्षकों को दस्तावेज जांच के लिए बुलाया गया है। इन शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

2014 में पकड़ में आया था फर्जीवाड़ा

वर्ष 2006, 2009 और 2011 में हुई संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया गया था। फर्जीवाड़े में कई लोगों ने डीएड की मार्क्सशीट लगाकर वरीयता सूची में 20 अंक ज्यादा हासिल किए थे, जिससे इन्हें शिक्षक की नौकरी मिली थी।

इन्हीं में कुछ लोग नौकरी में जाकर डाइट में डीएड की परीक्षा दे रहे थे। वर्ष 2014 में तत्कालीन कलेक्टर एमसिबि चक्रवर्ती की जानकारी में यह बात आई। कलेक्टर ने जांच कराई तो पाया कई शिक्षकों ने नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी डीएड की मार्क्सशीट लगाई थी। इसी कारण से अब यह डाइट से विभागीय माध्यम से डीएड की परीक्षा दे रहे हैं।

तत्कालीन कलेक्टर ने तब एडीएम पीके श्रीवास्तव को भेजकर डाइट से पूरा रिकॉर्ड जब्त कराया था और जांच शुरू कराई थी। जांच हुई तो सामने आया था जिले में संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ। इसके बाद कलेक्टर ने जिले की सभी जनपदों में हुई भर्ती की जांच शुरू करा दी थी। जांच के दौरान कलेक्टर चक्रवर्ती का तबादला हो गया था।

कलेक्टर इलैया राजा टी के निर्देश पर तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ प्रवीण सिंह भी जांच कर चुके हैं, लेकिन जांच के दौरान उनकी भी तबादला हो गया। अब जिला पंचायत सीईओ सपना निगम ने जांच पूरी कर फर्जीवाड़ा कर नौकरी में आए 49 शिक्षकों को बर्खास्त किया है।

डीईओ ने हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट

फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने वाले 49 शिक्षकों को बर्खास्त करने और आगे की जा रही जांच की पूरी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी एसएन तिवारी ने हाईकोर्ट में पेश की है।

संविदा शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े की जांच को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। हाईकोर्ट ने सितंबर 2017 को लोक शिक्षण संस्थान भोपाल के आयुक्त नीरज दुबे को तलब किया था। साथ ही जांच में हो रही देरी को लेकर आयुक्त से नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद लोक शिक्षण आयुक्त ने जांच में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि अटेर जनपद पंचायत और भिंड जनपद पंचायत से भर्ती प्रक्रिया के संबंध में रिकॉर्ड गायब हैं। अटेर जनपद से रिकॉर्ड गायब करने के आरोप में बाबू विनोद पांडे पर एफआईआर हुई थी।

इनका कहना है

जांच के दौरान 49 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इन्हें जिला पंचायत सीईओ ने बर्खास्त कर दिया है। यह पहले चरण की कार्रवाई है। दूसरे चरण में और शिक्षकों की जांच की जा रही है। जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इलैया राजा टी, कलेक्टर, भिंड