भिंड/ मुरैना। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को सुकमा में आईईडी विस्फोट में शहीद हुए भिंड-मुरैना के सपूत सीआरपीएफ के एएसआई रामकृष्ण सिंह और आरक्षक जितेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर बीएसएफ के हेलिकॉप्टर से दिल्ली से दोपहर 1:31 बजे भिंड आए।

भिंड के एसएएफ ग्राउंड में हैलिपेड पर सीआरपीएफ आईजी आरपी पांडे, डीआईजी आरसी मीणा, भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी, मुरैना कलेक्टर भास्कर लक्षाकार, एसपी प्रशांत खरे, कमांडेंट रजनीश अहलावत और मुरैना एएसपी अनुराग सुजानिया ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सीआरपीएफ की टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर शहीदों को सलामी दी। राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य और भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने दोनों ही शहीदों के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की है। भिंड में शहीद जितेंद्र सिंह के अंतिम संस्कार में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी।

डेढ़ साल के बेटे आशुतोष को गोद में लेकर परिजन ने मुखाग्नि दिलाई। अंतिम संस्कार के दौरान भारत माता की जय, शहीद अमर रहें और वंदे मात्रम के नारे लगे। शहीद रामकृष्ण सिंह की पार्थिव देह भिंड से कलेक्टर भास्कर लक्षाकार और एएसपी सुजानिया अपने साथ लेकर मुरैना के तरसमा गांव पहुंचे।

मुरैना के तरसमा गांव में शहीद रामकृष्ण को अंतिम विदाई देने उमड़े हजारों लोगे

नक्सली हमले में शहीद हुए रामकृष्ण सिंह तोमर को पोरसा के तरसमा गांव में बुधवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद को मुखाग्नि 17 वर्षीय बेटे विपिन सिंह ने दी। शहीद रामकृष्ण तोमर के पार्थिव शरीर को भिण्ड से सड़क मार्ग से मंगलवार को करीब साढ़े तीन बजे तरसमा गांव लाया गया। यहां हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों को शहीद को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।