भिंड। ऊमरी थाने में ड्यूटी के दौरान गैंती के हमले से घायल हवलदार उमेशबाबू दौहरे की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बुधवार सुबह 6:30 बजे मौत हो गई। 9 सितंबर की शाम हमलावर ने थाने में घुसक हवलदार और संतरी पर गैंती से वार कर दिया था।

हवलदार को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था। हवलदार के बड़े बेटे सोनू दौहरे का कहना है कि हमलावर रेत माफिया है। उसे साधारण आरोपित बताया जा रहा है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर दुख जाहिर किया और हवलदार को शहीद का दर्जा व परिजन को 1 करोड़ रुपए सहायता राशि देने के लिए कहा है।

9 सितंबर को ऊमरी पुलिस ने बाजार में उत्पात मचा रहे विष्णु सिंह राजावत निवासी लारौल रौन को पकड़ा था। आरोपित ने देर शाम थाने में रखी गैंती उठाकर पीछे से पहले हवलदार उमेश बाबू (50) पुत्र ठकुरी प्रसाद दौहरे निवासी रेखा नगर भिंड और फिर संतरी गजराज सिंह (35) पुत्र बाबूराम रायपुरिया निवासी लठियापुरा थाना गोरमी पर हमला कर दिया था।

हमले के बाद आरोपित विष्णु संतरी की रायफल उठाकर भागा। वारदात के दौरान आरोपित का साथी मान सिंह पुत्र बलवीर सिंह राजपूत निवासी लारौल रौन बैठा रहा। थाना प्रभारी सीपीएस चौहान ने हमलावर विष्णु को पकड़ लिया था और उससे रायफल बरामद कर ली थी।

इनका कहना है

पिता पर साजिश के तहत हमला किया गया है। हमला करने वाला साधारण युवक नहीं है, बल्कि रेत माफिया है। थाने में लगे और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की जाए तो पूरा खुलासा हो जाएगा।

सोनू दौहरे, मृतक हवलदार का बड़ा बेटा

मैं आरोपित पकड़ने गया था। हमलावर रेत माफिया नहीं है। ऊमरी सरपंच का बेटा शिकायत करने आया था कि आरोपित शराब पीकर उत्पात मचा रहा है, जिससे उसे गिरफ्तार किया था।

सीपीएस चौहान, थाना प्रभारी, ऊमरी