भिंड। भिंड एसपी के प्रस्ताव को अगर स्वीकृति मिलती है तो जिले में जल्द ही पुलिस विदेशों की तर्ज पर चंबल नदी की निगरानी स्पीड बोट और हाईटेक हथियारों से लैस होकर करेगी।

एसपी रूडोल्फ अल्वारेस के मुताबिक पीएचक्यू भोपाल से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद निगरानी की दिशा में काम किया जाएगा। स्पीड बोट और नदी की पेट्रोलिंग में उपयोग होने वाले अन्य उपकरणों को मंगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

मालूम हो कि भिंड जिला भूगौलिक रूप से उत्तरप्रदेश की सीमा से सटा है। यहां चंबल, क्वारी, सिंध, पहुंज और बेसली नदी हैं। उत्तरप्रदेश के बदमाश और डकैत चंबल और सिंध नदी के रास्ते जिले की सीमा में घुस आते हैं। इनके मूवमेंट से नदी के किनारे के गांव में रहने वाले लोगों को खतरा रहता है।

प्रस्ताव में 2 स्पीड बोट, नाइट विजन डिवाइस, ड्रेगन ट्रॉर्च, एंटी फॉग ट्रॉर्च, जीपीएस, सर्च लाइट और हाईटेक दूरबीन मंगाने का उल्लेख किया जा रहा है। एसपी के मुताबिक पेट्रोलिंग के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

स्पीड बोट से पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस पार्टी पर एमपी-5 गन, स्मॉलर मशीन और इंसास राइफल रहेंगी। एसपी के मुताबिक स्पीड बोट से नदी में पेट्रोलिंग प्रदेश में पहली बार भिंड में ही होगी। अभी सिर्फ कर्नाटक में ही कोस्टल पुलिस पेट्रोलिंग होती है।

पेट्रोलिंग से नदी को यह फायदा होगा

जिले में चंबल सहित 5 बड़ी नदियां हैं। यहां हादसे के वक्त पुलिस लोगों की तत्काल मदद कर सकेगी। जिले में चंबल नदी 110 किमी है। यहां चंबल घड़ियाल सेंक्चुरी भी है। स्पीड बोट से पेट्रोलिंग से सेंक्चुरी की सुरक्षा भी हो सकेगी। चंबल और सिंध नदी से किए जा रहे अवैध उत्खनन पर भी रोक लगाई जा सकेगी।