भिंड, फूफ। शादियों का सीजन नजदीक है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से मिलावटी मावा और दूध की सप्लाई बढ़ने लगी है। अटेर, गोरमी, सुनारपुरा, प्रतापपुरा, परा नुन्हाड़ सहित एक दर्जन गांवों में खुलेआम डेयरी पर सैकड़ों भट्टी लगाकर व्यापारी डिब्बे के दूध से मावा तैयार करने में लगे हैं। लेकिन फूड सेफ्टी विभाग के जिम्मेदारी अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही वजह है कि मिलावट का कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

4 डिब्बा दूध से 70 किलो मावा तैयार

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित डेयरी पर इन दिनों दूध के साथ मिलावटी खोआ को व्यापार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। व्यापारी फूड सेफ्टी विभाग की आंखों में धूल झोंककर दूध के सूखे पाउडर से केमिकल युक्त खोआ और दूध तैयार कर रहे हैं। दुकानदार 4 डिब्बा दूध से 70 किलो (एक डलिया के करीब) मावा तैयार कर देते हैं। जबकि शुद्ध दूध के 200 किलो में इतना मावा तैयार हो पाता है। लेकिन शुद्ध दूध से निर्मित मावा में डेयरी संचालकों को कम लाभ मिलता है।

ऐसे बना रहे मिलावटी मावा

मिलावटी मावा बनाने के लिए डेयरी संचालक सबसे पहले दूध के पाउडर को पानी में डालकर गर्म करते हैं। गर्म करने के बाद मिलावटी दूध तैयार हो जाता है। उसके बाद कमानी (तरल पदार्थ) में इस मिश्रण को डालकर दोबारा से भट्टी की तेज आग पर खौलाते हैं। कुछ समय बाद मिलावटी दूध के मिश्रण से खोआ तैयार हो जाता है। जिसे पात्र में भरकर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है।

व्यापारियों को सप्लाई करते हैं

फूड सेफ्टी टीम बेखबर सिंथेटिक दूध में केमिकल की मिलावट का पता लगाने के लिए एडल्ट्रेशन टेस्ट लगाया जाता है। दूध बनाने में जिन-जिन रसायनों को मिलाया गया है। वे दूध का कलर बदलने से पकड़ में आ जाते हैं। इसी प्रकार खोआ की जांच फूड सेफ्टी विभाग द्वारा सैंपल लेकर की जाती है। लेकिन अभी तक खाद्य विभाग की टीम डेयरियों पर बन रहे मिलावटी मावा से अनजान है। यही खोआ बाजार में दुकानों पर मिठाई के रूप में उपयोग किया जाता है जो लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

यह सामान मिलाते हैं

-यूरिया खाद

-स्टार्च

-बैकिंग पावडर

- डिटरजेंट पावडर

-सोडियम क्लोराइड और शक्कर,

-ग्लूकोज य हाइड्रोजन पर-ऑक्साइड

- फार्म लीन द्रव्य पदार्थ

-स्कीम मिल्क पावडर

-अलीजारिन, न्यूटरालाइजर

इनका कहना है

गांव में संचालित डेयरी पर मिलावटी मावा बनाया जा रहा है। यही मावा दीपावली पर बाजार में बेचा जाएगा। फूड सेफ्टी का इस तरफ ध्यान नहीं है।

-संतोष सिंह, अटेर

अटेर जिन गांवों में डेयरी पर मिलावटी खोआ और दूध तैयार किया जा रहा है। वहां हम जल्द ही कार्रवाई करेंगे।

-सतीश धाकड़, फूड सेफ्टी अधिकारी