Naidunia
    Saturday, February 24, 2018
    PreviousNext

    पहचान नाम से नहीं, काम से होती है : कोकजे

    Published: Sun, 16 Jul 2017 08:45 PM (IST) | Updated: Sun, 16 Jul 2017 08:45 PM (IST)
    By: Editorial Team

    भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

    देश में भारत विकास परिषद ही एक ऐसी संस्था है जो लोगों में संस्कार जगाने का काम कर रही है। यही वजह है कि परिषद बिना किसी शोर-शराबे के अपना काम करती है। व्यक्ति की पहचान नाम से नहीं बल्कि काम से होती है। यह बात रविवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल व राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विष्णु सदाशिव कोकजे ने हाउसिंग कॉलोनी स्थित बद्रीप्रसाद की बगिया में भारत विकास परिषद की पदाधिकारियों के शपथ (दायित्व) ग्रहण कार्यक्रम में कही।

    श्री कोकजे ने कहा कि व्यक्ति में संस्कार बचपन से डाले जाते हैं। अगर हमने बच्चों पर शुरूआत में ध्यान नहीं दिया तो वह बिगड़ जाते हैं। लेकिन भारत विकास परिषद यह काम पिछले कई सालों से बहुत ही अच्छे तरीके से करती आ रही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मप्र बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने कहा कि मैं भिंड खुद के लालच से आया हूं, क्योंकि यहां बहुत ही अच्छे लोग रहते हैं। इनसे हमेशा ही कुछ नया सीखने को मिलता है। श्री शर्मा ने कहा कि मैं तो छोटे बच्चों में रहने वाला हूं। इसलिए हमेशा बुजुर्गों से सीखने के प्रयास में रहता हूं। कार्यक्रम को भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक भार्गव, प्रांतीय महासचिव विनोद गर्ग, डॉ. एसबी शर्मा, डॉ. हिमांशु बंसल ने भी संबोधित किया।

    महासचिव ने दिलाई शपथ :

    कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के महासचिव विनोद गर्ग ने परिषद की नई जिला कार्यकारिणी संरक्षक डॉ. विनोद सक्सेना, अध्यक्ष डॉ. हिमांशु बंसल, उपाध्यक्ष अवधेश दैपुरिया, धीरज द्विवेदी, सचिव डॉ. साकार तिवारी, कमलेश सेंथिया, जगतनारायण पाठक, राजीव गुप्ता, संस्कार शाखा की आभा जैन, संध्या शर्मा, ऊषा नगरिया के अलावा गोहद, रौन और गोरमी की शाखाओं को शपथ दिलाई।

    और जानें :  # bhind news
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें