भिंड। नईदुनिया न्यूज

गोहद के ग्राम चंदोखर में संगीतमयी श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिन शुक्रवार को भागवतचार्य संध्या ने कहा कि सच्चे भक्त में संकट के समय भी सहने की शक्ति आ जाती है। भक्त ऐश्वर्य और संकट के समय में विचलित नहीं होता है। जब भक्त संकट होता है तो वह सोचता है कि मेरे समक्ष भगवान प्रकट हो जाए। ईश्वर के भक्त संकट के समय सोचता है पूर्व के कर्मों के कारण मुझे इतना कष्ट भोगना था लेकिन ईश्वर की कृपा से संकट जल्दी ही टल जाएगा। भागवताचार्य ने श्रद्घालुओं से कहा कि भगवान का स्मरण करने से आध्यात्मिक जीवन को बल मिलता है। कथा के प्रारंभ में देवपूजन, नवग्रह, व्यासपीठ पूजन और भागवताचार्य का माल्यार्पण कर स्वागत परीक्षित रामसिंह तोमर द्वारा किया गया। कथा के अंत में भागवत जी की आरती, पुष्पांजलि व प्रसाद वितरण किया गया।