भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

भगवान शिव के परिवार को एक साथ देखना एक रोमांच से कम नहीं है। शिव के विभिन्न रुपों को पुरातत्व विभाग ने प्रदर्शनी के जरिए इतिहास और पुरातत्व को प्रदर्शित किया है। इस तरह की प्रदर्शनियों के आयोजन से युवाओं को अपने देश की परंपरा और इतिहास को जानने का मौका मिलता है। यह बात कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष कलावती मिहोलिया ने कही। वह शुक्रवार को पुरातत्व विभाग द्वारा आयोजित महाकाल श्रृंगार प्रदर्शनी के शुभारंभ पर बोल रही थी। प्रदर्शनी की शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा शुभारंभ फीता काटकर किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि होम गार्ड कमांडेड पूजा परिहार, पुरातत्व अधिकारी वीरेंद्र पांडे, सीमा नरवरिया और पूनम भदौरिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

होमगार्ड कमांडेड पूजा परिहार ने कहा कि प्रदर्शनी की जरिए युवाओं को पुरातत्व की जानकारी मिलने के साथ अपने भगवान के विभिन्न स्वरूपों को जानने का मौका मिला। ऐसी एक्जीविशन का आयोजन पुरातत्व विभाग को हमेशा कराते रहना चाहिए। पुरातत्व विभाग अधिकाी वीरेंद्र पांडे ने अतिथियों को शिव के विभिन्न रूपों के बारे में अतिथियों को जानकरी दी।

महाकाल के 80 चित्रों का किया गया प्रदर्शन

पुरातत्व विभाग द्वारा लगाई गई महाकाल श्रृंगार प्रदर्शनी में महाकाल को 80 चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में भगवान शंकर को अर्धनारीश्वर, श्रीकृष्ण, नरसिंह, गणेश, हनुमान और भोलेनाथ के साथ माता पार्वती सहित सहित सभी देवी देवताओं के रूप में प्रदर्शित किया गया।