भिंड। शहर में शुक्रवार को राहतभरी बारिश भी आफत साबित हुई। नालों की सफाई नहीं होने से डेढ़ घंटे की झमाझम ने पूरे शहर के नाले उफना दिए। नालों का गंदा पानी घरों में घुसा। बारिश बंद होने के 2 घंटे तक गलियां लबालब रहीं। लोगों को मजबूरी में घरों में कैद होना पड़ा। शहर के 30 इलाके जलमग्न रहे। डेढ़ घंटे में 44 मिमी बारिश हुई। इससे दिन के तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट आई। अधिकतम तापमान 32 डिग्री से घटकर 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।

बारिश से यहां बढ़ी आफत

बारिश से पहले सफाई अभियान पूरी तरह से नहीं चलने से शुक्रवार को नाले उफान पर आए तो भीमनगर में पानी भर गया। वाटर वर्क्स की मेन रोड पर 3 फीट पानी भरा। कॉटनजीन कॉलोनी में घरों में पानी भर गया। वनखंडेश्वर रोड पर घुटने तक पानी था। अटेर रोड बालाजी नगर, कृष्णा नगर, बीटीआई रोड, महावीर नगर, शिवाजी नगर, नयापुरा गौशाला रोड पर भी पानी भरा रहा। गोविंद नगर, सरसाई का पुरा, अशोक नगर, आर्य नगर, मातादीन का पुरा, श्रीकृष्ण नगर, वीरेंद्र नगर, राजहोली, राज टॉकीज, सत्कार होटल रोड, हाउसिंग कॉलोनी नई आबादी, हनुमान बजरिया, छोटी माता गढ़ैया, भवानीपुरा, गुलाबबाग, सरोज नगर, सुभाष नगर, विनोद नगर, स्वतंत्र नगर, गायत्री नगर आदि इलाकों में पानी भरा रहा। बारिश के 2 घंटे बाद तक यहां आवागमन ठप सा रहा।

वनखंडेश्वर मंदिर के गर्भगृह तक पानी

सीजन की पहली झमाझम ने शहर को खूबर तरबतर किया। गलियों में पानी भरने की समस्या शहर के लगभग हर इलाके में रही। बारिश के दौरान वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में भी पानी भर गया। मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में भरे पानी को बाहर निकालने का प्रबंध किया।

सीवर की खुदाई बनी परेशानी

शहर में इन दिनों सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए खुदाई का कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार को बारिश के बाद इटावा रोड पर शहर कोतवाली के सामने से जिला पंचायत की ओर खुदाई के कारण सड़क में हुए गहरे गड्ढों में पानी भर गया। यहां बारिश से इतना कीचड़ हुआ कि आसपास के लोगों के घरों तक यह कीचड़ पहुंचा। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता। स्थानीय रहवासियों ने कहा कि बारिश के दौरान इस तरह के कार्य बंद रहते हैं, लेकिन भिंड में सीवरेज की खुदाई का कार्य बारिश के सीजन में भी जारी है, जो किसी बड़े खतरे का अंदेशा है।

भिंड में सबसे ज्यादा, अंचल में रिमझिम

शुक्रवार को शहर में करीब डेढ़ घंटे झमाझम बारिश हुई। अंचल में सबसे ज्यादा शुक्रवार को भिंड में बारिश हुई है। मेहगांव में रिमझिम बारिश हुई। लहार में में 20 मिनट तेज बारिश हुई। गोरमी में भी करीब 20 मिनट तेज बारिश हुई। गोहद, मिहोना और फूफ में बारिश नहीं हुई। अटेर के सुरपुरा में बारिश हुई है। कृषि विज्ञानिकों ने बारिश से किसानों को राहत मिलने की बात कही है।

जिले में अब तक 89.1 मिमी बारिश

शुक्रवार सुबह 8 बजे तक जिले में 1 जून से 13 जुलाई तक महज 89.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल 1 जून से 13 जुलाई तक 146.6 मिमी बारिश हुई थी। इस बार अभी तक पिछले साल की तुलना में 57.5 एमएम बारिश कम हुई है। जिले में सामान्य बारिश 668.3 मिमी है। पिछले साल औसत बारिश 626.8 मिमी हुई है। जिले में हर साल 31 जुलाई तक 282.5 मिमी सामान्य बारिश होती है। पिछले साल 31 जुलाई तक जिले में 259.8 मिमी बारिश हुई थी।

जिले में अभी तक हुई बारिश

ब्लॉक 13 जुलाई 2018 13 जुलाई 2017 पिछले साल बारिश

भिंड 109.2 मिमी 161.5 मिमी माइनस 52.3

अटेर 73.0 मिमी 68.1 मिमी प्लस 4.9 मिमी

मेहगांव 91.5 मिमी 172.3 मिमी माइनस 80.8 मिमी

गोहद 69.0 मिमी 124.0 मिमी माइनस 55.0

लहार 167.5 मिमी 179.7 मिमी माइनस 12.2

रौन-मिहोना 77.5 मिमी 174.4 मिमी माइनस 57.5