भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

दहेज प्रथा एक बड़ा अभिशाप है, जिसके कारण बेटियां मानसिक रूप से परेशान रहती हैं। बेटियों को दहेज की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसलिए यादव समाज आपस में बैठकर समाज पर ही दवाब बनाए कि बेटा-बेटियों की शादी में दहेज पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके। बेटियों को सुरक्षा दे एवं बेटियों को बोझ न समझें। कलेक्ट्रेट सभागार में यह बात शुक्रवार को कलेक्टर आशीष कुमार गुप्ता ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर यादव समाज की बैठक में कही।

कलेक्टर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बताते हुए कहा कि लिंगानुपात को कम करना एवं बेटियों को बेटो के समान, शिक्षा-दीक्षा, लालन पालन देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भिंड जिले में बालिकाओं के जन्म के समय लिंगानुपात में हुए सुधार की स्थिति सुधार हुआ है, वर्ष 2011 में 1000 बालकों पर 896 बालिकाओं की संख्या बढ़कर 929 हुई है। शिशु मृत्यु दर 56 से घटकर 51 हुई है। समाजसेवी विजयवीर सिंह यादव कहा कि समाज में बेटियों की स्थिति में सुधार कीे बहुत जरूरत है। जब तक हम लोग अपनी मानसिकता में परिवर्तन नहीं लाएंगे, तब तक तब तक समाज में बेटियों की स्थिति सुदृढ़ नहीं होगी। इसके लिए हमें समाज में बदलाव लाने की आवश्यकता है। बेटा और बेटी को समान अधिकार देने की जरूरत है। राधेगोपाल यादव ने कहा कि समाज में बालिका के प्रति विभिन्न स्तर पर भेदभाव है। जिसके कारण समान अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। साथ ही बालिकाओं को सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। इस मौके पर रामरतन यादव, श्यामसुंदर यादव, राधेगोपाल यादव, डीपीसी संजीव शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।