भिंड। आंगनबाड़ी केंद्र के दलिया में छिपकली निकलने की घटना सामने आने के बाद शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी लोकेंद्र सिंह और सतीश धाकड़ की टीम केंद्र पर खाना सप्लाई करने वाली समिति की किचन जांच पहुंचे। शहर की 60 आंगनबाड़ी केंद्रों का खाना सीलन वाली जगह पर बनता है। मौके पर पक्का किचन भी नहीं मिला। टीम ने मूंग की दाल, दलिया और मिर्च पाउडर का सैंपल लिया है। साथ ही हिदायत देकर कहा कि खाना बनाने वाली जगह पक्की कराएं। दीवारों पर टाइल्स लगवाएं, ताकि खाने में किसी तरह की धूल भी नहीं जाए।

यह है पूरा मामला

शहर के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुशीला देवी दीक्षित समिति की ओर से भोजन तैयार कर भिजवाया जाता है। गुरुवार को समिति की ओर से खाने के साथ दलिया भिजवाया गया था। आंगनबाड़ी केंद्र 19/4 बिहारी गली पुरानी बस्ती में दिए गए दलिया में छिपकली निकली थी। इसके बाद सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का खाना फिंकवा दिया था। इस दौरान समिति अध्यक्ष के जेठ पूर्व पार्षद दिवाकर उर्फ जुग्गन दीक्षित पुत्र कमलाचरण दीक्षित ने मौके पर पहुंचकर कहा था कि छिपकली बाद में डाल दी गई है। इसको लेकर महिला बाल विकास विभाग ने समिति को नोटिस देने की बात कही थी। यह मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच के लिए पहुंचे।

सीलन से कीड़े-मकोड़े पनपेंगेः

खाद्य सुरक्षा अधिकारी लोकेंद्र सिंह ने पूर्व पार्षद जुग्गन दीक्षित से कहा कि खाने का सामान सीलन की जगह पर है। यहां छिपकली के साथ कीड़े-मकोड़े पनपेंगे। इसके लिए लकड़ी की रैक बनवाएं। दीक्षित से पूछा कि मसाले कहां से खरीदते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि ग्वालियर से। इस पर लोकेंद्र सिंह ने कहा ग्वालियर दाल बाजार में तो सबसे ज्यादा नकली मसालों का काम होता है। आप बिल लेकर ही अच्छे मसाले खरीदें।

रात में पक जाता है भोजन

जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी लोकेंद्र सिंह और सतीश धाकड़ ने समिति के भोजन गृह में मिले कर्मचारी से पूछा कि खाना कब बन जाता है। उसने जवाब दिया कि रोजाना सुबह 4-5 बजे खाना बनना शुरू होता है, लेकिन मंगलवार को आलू-पूड़ी और हलुआ बंटता है तो यह सोमवार रात को ही बना लेते हैं।