भिंड। नईदुनिया प्रतिनिधि

न्यायलीन व्यवस्था में सरकार का हस्तक्षेप बर्दास्त नहीं होगा। सरकार आज-कल सुप्रीमकोर्ट और हाइकोर्ट के स्वतंत्र निर्णय में हस्तक्षेप करने लगी है। इससे संविधान के संघीय ढांचे पर चोट लगेगी जो देश के लिए ठीक नहीं है। यह बात पूर्व सॉलिसिटर जर्नल विनोद शर्मा ने रविवार को आईटीआई स्थित केंद्रीय विद्यालय के सामने आयोजित संविधान बचाओ संगोष्ठी पर में कही।

विशिष्ट अतिथि विनोद भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार जब से देश में आई है, तब से संविधान के मूल सिद्घांत से खिलवाड़ करने में लगी है। जबकि देश की सबसे ज्यादा राज्य करने वाली कांग्रेस सरकार ने अब तक देश के न्यायलयीन व्यवस्था पर कभी भी कोई टिप्पड़ी और हस्तक्षेप नहीं किया है। यह मोदी सरकार देश और संविधान एवं लोकतंत्र के लिए खतरा है। कार्यक्रम में मप्र कांगे्रस कमेटी के विधि व मानव अधिकार के कॉर्डीनेटर संजय शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के लोग जनता में कानून के प्रति जागरूक करें और कांग्रेस से अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने का प्रयास करें। कांग्रेस पार्टी देश की और संविधान की रक्षा के लिए जरूरी है। एडवोकेट जयश्रीराम बघेल ने कहा कि देश में पहली बार सुप्रीमकोर्ट के जज न्यायालय के बाहर जनता से न्याय मांगते नजर आए। मोदी सरकार की गलत नीतियां उजागर हुई हैं। जब जनता को न्याय देने वाले न्याय मांगने को मजबूर हो जाएं तो इससे बड़ी लोकतंत्र की हत्या नहीं हो सकती। संगोष्ठी को अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष रामकिशोर भारद्वाज, डॉ. रमेश दुबे, जुगलकिशोर दीक्षित, रामदत्त शर्मा, रामकरन शर्मा, रविन्द्र नरवरिया आदि लोगों ने भी संबोधित किया। इस मौके पर दीपचंद तिवारी, राजकुमार शर्मा, विनीत मिश्रा, सुभाष कटारे, हरनारायण शर्मा, विवेक पचौरी, जिला प्रवक्ता अनिल भारद्वाज, अनिल मिश्रा, रामहर्ष सिंह कुशवाह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।