भिंड, रौन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रौन में बेटे को जन्म देते ही महिला के ब्लीडिंग (रक्त रिसाव) शुरू हो गई। महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन स्टाफ का गेट खटखटाते रहे, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने गेट नहीं खोला। रात 2.30 बजे प्रसूता की मौत हो गई।

सुबह 6 बजे स्टाफ के गेट खोलकर बाहर आते ही परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर व स्टाफ पर एफआईआर की मांग को लेकर परिजन ने महिला का शव लेने से इनकार कर दिया। हंगामे की सूचना पर लहार एसडीएम मो. इकबाल खान और सीएमएचओ डॉ जेपीएस कुशवाह मौके पर पहुंच गए। सीएमएचओ ने परिजन की मांग पर नर्स को सस्पेंड कर डॉक्टर पर कार्रवाई को लेकर कलेक्टर को प्रस्ताव भेज दिया है।

अंजली (20) पत्नी मनोज तिवारी निवासी वार्ड 2 मछंड के शनिवार दोपहर करीब 1 बजे प्रसव दर्द हुआ। परिजन ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। 2.30 बजे महिला को रौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शाम 5.15 बजे महिला ने बेटे को जन्म दिया।

स्टाफ के मुताबिक प्रसव के करीब 1 घंटे बाद महिला के ब्लीडिंग शुरू हो गई। परिजन ने डॉक्टर व स्टाफ से महिला की हालत सीरियस देखते हुए जिला अस्पताल या ग्वालियर रेफर करने की बात कही। लेकिन स्टाफ ने एक भी नहीं सुनी।

नर्स ने रातभर नहीं खोला गेट

महिला की सास बिट्टी बाई ने बताया कि शनिवार रात अस्पताल में नर्स अनीता जाटव की ड्यूटी थी। रात करीब 10 बजे नर्स ड्यूटी रूम में घुस गईं और अंदर से कुंदी लगा दी। रात 11 बजे से प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। परिजन नर्स को बुलाने गए, लेकिन उसने गेट नहीं खोला। रात करीब 2.30 बजे महिला की मौत हो गई।

प्रसूता की ननद रानी उर्फ किरण ने बताया कि रात 2.45 बजे उसने भाभी को आवाज लगाई लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। हिलाकर भी चेक किया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। वह नर्स को बुलाने के लिए गई लेकिन अंदर से गेट बंद था। उसने कई बार गेट को खटखटाया, लेकिन नर्स ने गेट नहीं खुला।

5.30 बजे तक चला हंगामा

महिला की मौत के बाद नर्स ने सुबह करीब 6 बजे गेट खोला। नर्स ने प्रसूता को चेककर मृत बता दिया। इससे परिजन नाराज हो गए। सुबह 8.30 बजे डॉ अरविंद अग्रवाल ड्यूटी पर पहुंचे। परिजन ने शव को बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल परिसर में हंगामा देखकर रौन थाना प्रभारी संजीत मावई मौके पर पहुंच गए। मावई ने परिजन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन ने शव लेने से मना कर दिया।

सुबह 11.30 बजे लहार एसडीएम मो. इकबाल खान और सीएमएचओ डॉ जेपीएस कुशवाह मौके पर पहुंचे। सीएमएचओ ने परिजन को डॉक्टर और नर्स पर कार्रवाई करने की बात कही। परिजन मान गए। शव को पीएम के लिए लहार अस्पताल भेजा गया।

इनका कहना है

महिला की मौत के बाद परिजन ने हंगामा किया था। शव को पीएम के लिए लहार भेजा है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करेंगे।

संजीत मावई, थाना प्रभारी रौन

हंगामे की सूचना पर हम भी मौके पर पहुंच गए थे। नर्स अनीता जाटव को सस्पेंड किया है। जबकि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है।

डॉ. जेपीएस कुशवाह, सीएमएचओ भिंड

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