असवार-भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। सड़क किनारे बैठकर बस का इंतजार कर रही मां-बेटी और राहगीर युवक पर काली गिट्टी का डामर मिला गर्म मिक्चर लेकर जा रहा डंपर पलट गया। मां-बेटी और युवक गिट्टी के मिक्चर में पूरी तरह दब गए। मौके पर खड़े, जिन लोगों ने यह नजारा देखा उनके रोंगटे खड़े हो गए। लोगों ने फोन कर डायल 100 और रावतपुरा थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी।

रावतपुरा एसओ प्रकाश पाठक ने जेसीबी बुलवाई। जेसीबी की मदद से मिक्चर हटाया तो उसमें मां-बेटी और युवक गंभीर हाल में बाहर निकाले गए। तीनों को इलाज के लिए लहार अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। हादसा शुक्रवार सुबह 10 बजे चौरई तिराहा पर हुआ। गुस्साए लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की समझाइश से मान गए।

जालौन से लौटकर बस के इंतजार में बैठी थी सड़क किनारे

मौ थाना क्षेत्र के मघन गांव निवासी रचना (45) पत्नी अशोक विश्वकर्मा शुक्रवार सुबह बेटी राधा (9) के साथ जालौन जिले में रिश्तेदार के घर से वापस लौटी थी। रावतपुरा थाना क्षेत्र के चौरई गांव के तिराहा पर श्रीमती विश्वकर्मा बेटी राधा के साथ बैठकर मौ जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इन्हीं के पास अखदेवा निवासी वीरेंद्र द्विवेदी (40) खड़े हुए थे। सुबह के करीब 10 बजे थे। इसी दौरान सेंवढ़ा की ओर से बिना नंबर का डंपर आया, जिसमें काली गिट्टी का डामर मिला गर्म मिक्चर भरा हुआ था।

डंपर चला रहे ड्राइवर का नियंत्रण हटा तो डंपर सड़क किनारे बैठी श्रीमती विश्वकर्मा, उनकी बेटी और वीरेंद्र के ऊपर गिरा। तीनों मिक्चर में पूरी तरह से दब गए। हादसे के समय मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। राहगीरों ने डायल 100 और रावतपुरा पुलिस को फोन किया। सूचना मिलने के करीब 10 मिनट में ही रावतपुरा थाना प्रभारी प्रकाश पाठक पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल देखने के बाद जेसीबी को बुलाया। जेसीबी की मदद से मां-बेटी और युवक को गिट्टी से बाहर निकाला गया।

पुलिस ने अपनी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया

डामर मिली गिट्टी के गर्म मिक्चर में दबकर श्रीमती विश्वकर्मा, मासूम राधा और वीरेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए थे। पुलिस ने तत्काल उन्हें अपनी गाड़ी से इलाज के लिए लहार अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में डॉक्टर ने इलाज शुरू किया तो उसी दौरान राधा ने दम तोड़ दिया। श्रीमती विश्वकर्मा और वीरेंद्र की हालत चिंताजनक है।

रोते हुए बोली मां... मेरा तो सबकुछ मिट गया

चौरई तिराहा पर गिट्टी के गर्म मिक्चर में दबने से श्रीमती विश्वकर्मा का दाहिना पैर फ्रैक्चर है। अस्पताल में उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। बेटी का हाल जाने के बाद उनके मुंह से बस यही शब्द निकल रहे थे कि मेरा तो सबकुछ मिट गया। आसपास के लोग मां को समझाइश दे रहे थे, लेकिन मां के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

तिराहा पर मोड़ते में अनियंत्रित हुआ डंपर

सेंवढ़ा की ओर से गिट्टी का मिक्चर भरकर आया डंपर दबोह जा रहा था। दबोह में सड़क बनाने का काम चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सेंवढ़ा की ओर से आया गिट्टी से भरा डंपर दबोह जाने के लए चौरई तिराहा से मुड़ा उसी दौरान ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा। इसी के साथ डंपर में भरा डामर और गिट्टी का गर्म मिक्चर मां-बेटी और युवक पर जा गिरा।

भीड़ ने डंपर ड्राइवर को पकड़कर पीटा

हादसे के बाद करीब 200-300 लोगों ने डंपर ड्राइवर को पकड़ लिया। भीड़ ने ड्राइवर के साथ जमकर मारपीट की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को बड़ी मुश्किल से भीड़ से अपनी सुपुर्दगी में लिया। हादसे से गुस्साए लोगों ने चक्काजाम करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान लहार एसडीओपी राजीव चतुर्वेदी और टीआई रेखा पाल भी पहुंच चुकी थी। पुलिस अफसरों की समझाइश के बाद लोग मान गए और जाम नहीं लगाया।

इस दौरान करीब 200-300 लोगों की भीड़ ने ड्राइवर को पकड़कर पीटा। जाम लगाने की कोशिश की। एसडीओपी राजीव चतुर्वेदी, दबोह थाना प्रभारी प्रताप लोधी, लहार टीआई रेखा पाल पहुंच गई थी। पुलिस अफसरों ने भीड़ को समझाइश देकर ड्राइवर को